गांजा तस्करों का रुतबा, रफ्तार और रैकेट सब ढेर: एनसीबी की ऐतिहासिक जीत; पांच ड्रग्स माफियाओं को 17-17 साल की जेल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भोपाल आंचलिक इकाई को जबरदस्त सफलता मिली है। मंडला की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 1526 किलोग्राम गांजा तस्करी में पकड़े गए पांच ड्रग्स तस्करों को 1
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भोपाल आंचलिक इकाई को जबरदस्त सफलता मिली है। मंडला की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 1526 किलोग्राम गांजा तस्करी में पकड़े गए पांच ड्रग्स तस्करों को 17 वर्ष कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपए के दंड की सजा सुनाई है।
एनसीबी एमपी-सीजी के ज्वाइंट डायरेक्टर नितेश रंजन ने बताया कि 23 मार्च 2023 को एनसीबी इंदौर ज़ोन की टीम ने एनएच-30 (रायपुर–जबलपुर) पर मंडला के बुंदेलखंड ढाबा के पास एक ट्रक और एक मारुति ब्रेजा को रोका। जांच के दौरान वाहनों में 1526 किलो गांजा मिला। जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
जिस पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के नाम राजेश कुमार, निवासी राजगढ़, दिनेश कुमार प्रजापति, निवासी राजगढ़, रंजीत नायक, निवासी–बौध ओडिशा, ददिवामन दास, निवासी सोनेपुर ओडिशा और विनोद कुमार धोबी, निवासी झालावाड़ (राज.) को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि यह माल संबलपुर ओडिशा से लाया गया था और इसे झालावाड़ (राज.) और ललितपुर (यूपी) में सप्लाई होना था।
नशे का धंधा बर्दाश्त नहीं
एनसीबी ने 19 सितंबर 2023 को विशेष अदालत में शिकायत दर्ज की थी। लगातार सुनवाई के बाद 28 नवंबर 2025 को अदालत ने ठोस सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, वाहन दस्तावेज और गवाहों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अदालत ने अपने आदेश में 17 साल कठोर कारावास, 1 लाख 50 हजार रुपए का दंड और सज़ा पूरी न होने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास सजा दी है।
अदालत ने टिप्पणी में कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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