खबर
Indore

वोट चोरी का हथियार बन चुकी है एसआईआर की प्रक्रिया: कांग्रेस की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष का बयान

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 फ़रवरी 2026, 10:43 पूर्वाह्न
462 views
शेयर करें:
वोट चोरी का हथियार बन चुकी है एसआईआर की प्रक्रिया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष अलका लांबा ने तीखा बयान देते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया वोट चोरी का हथियार बन चुकी है और इसके जरिए विपक्ष को साजिश के तहत हराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि थोड़ी देर के लिए कांग्रेस को साइड में रख दीजिए, राहुल गांधी को भी साइड में रख दीजिए, सवाल इस देश के नागरिकों के वोट के अधिकार का है, जिसे छीना जा रहा है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को एक बार फिर धन्यवाद देते हुए कहा कि देश की बहादुर जांबाज बेटी, सेना की कर्नल सौफिया कुरैशी ने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी ड्यूटी निभाई, लेकिन भाजपा के एक मंत्री ने उन्हें पाकिस्तान की बहन-बेटी बताकर अपमानित करने का काम किया।

उन्होंने कहा कि एक धर्म विशेष के प्रति इतनी नफरत और जहर भरा हुआ है कि वह सोच, समझ को खत्म कर चुका है और यह मान लिया गया कि ऐसी बातें कही जाएंगी और लोग भूल जाएंगे, क्योंकि सारी संवैधानिक संस्थाएं उनकी मुट्ठी में हैं।

यह मामला केवल एफआईआर तक सीमित नहीं रहेगा- लांबा ने कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आदेश का वे स्वागत करती हैं और उम्मीद करती हैं कि यह मामला केवल एफआईआर तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी भी शर्म और नैतिकता बची होती तो एफआईआर होते ही मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन अब नैतिकता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी हमला बोलते हुए कहा कि अगर जरा सी भी जिम्मेदारी की भावना होती तो पहली मौत पर ही इस्तीफा दे दिया जाता। आज 32वीं मौत हो चुकी है, वे गरीब लोग थे जो सरकार पर भरोसा कर पानी पी रहे थे, पता चला कि वह जहर था और उनकी जान चली गई।

मां की गोद से बच्चे छिन गए, लेकिन मंत्री हंसते रहे, ठहाके लगाते रहे और पत्रकारों से बदतमीजी की गई। उन्होंने कहा कि जो पत्रकार डरे नहीं और कैमरे पर विरोध दर्ज कराया, वे सलाम के हकदार हैं।

यह कांग्रेस की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हार है
एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लांबा ने कहा कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट सामने आए, लेकिन जांच आज तक नहीं हुई, जबकि कांग्रेस वहां महज 22 हजार वोटों से चुनाव हार गई। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हार है।

एक वोट का अधिकार चोरी हो रहा है और चोरी से सरकारें बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां चुनाव आते हैं, वहां चुनाव से दो महीने पहले एसआईआर और सांप्रदायिक मुद्दे खड़े कर दिए जाते हैं। असम में धर्म के नाम पर नंगा नाच चल रहा है और संविधान के अधिकारों को कुचला जा रहा है।

एसआईआर के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन हुआ, हर राज्य में प्रदर्शन हुए और दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली भी हुई, लेकिन चुनाव आयोग आंख मूंदें बैठा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर देश, संविधान और लोकतंत्र को बचाने की बात की जाए।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!