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राजवाड़ा पर बकायादारों के नाम चस्पा: निगम की नई रणनीति से टैक्स वसूली की मुहिम; पूर्व पार्षद समेत 65 नाम शामिल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली के लिए अनोखी मुहिम शुरू कर दी है। कल राजवाड़ा पर बड़े बकायादारों की लिस्ट फ्लैक्स पर चिपका दी गई, जिसमें नाम और बकाया राशि साफ लिखी हुई है। ये क

Khulasa First

संवाददाता

13 दिसंबर 2025, 8:12 पूर्वाह्न
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राजवाड़ा पर बकायादारों के नाम चस्पा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली के लिए अनोखी मुहिम शुरू कर दी है। कल राजवाड़ा पर बड़े बकायादारों की लिस्ट फ्लैक्स पर चिपका दी गई, जिसमें नाम और बकाया राशि साफ लिखी हुई है। ये कदम जोन-3 के करीब 60-65 बकायादारों को निशाना बनाता है, जिन्होंने वर्षों से टैक्स न चुकाकर निगम को लाखों का चूना लगाया है। आयुक्त दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, ताकि बकायादार शर्मिंदगी महसूस करें और जल्द भुगतान करें।

जोन-3 के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल निकम ने बताया कि इन बकायादारों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने इसे हल्के में लिया। वार्ड 56, 57 और 58 के इन लोगों ने औसतन 5 साल से संपत्तिकर जमा नहीं किया है। लिस्ट में पूर्व पार्षद अनवर कादरी और उनकी पत्नी जुलेखा बी के नाम प्रमुखता से शामिल हैं, जिनका बकाया 3 लाख 66 हजार 622 रुपए है।

दोनों ने निगम अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान का आश्वासन दिया है। निकम ने कहा यह कदम बकायादारों को जागरूक करने के लिए है, न कि बदनामी के लिए।

…तुरंत हरकत में आए दो बकायादार... फ्लैक्स लगाने के तुरंत बाद दो बकायादार हरकत में आ गए। उन्होंने चेक सौंप दिए और लिस्ट पर कागज चिपकाकर अपना नाम हटवाने की गुजारिश की। एक ने कहा हम टैक्स भरने को तैयार हैं, बस नाम सार्वजनिक न हो। यह घटना निगम की रणनीति की सफलता का प्रमाण है, जहां शर्मिंदगी ने भुगतान को प्रेरित किया है।

सरचार्ज में छूट, वरना कुर्की-जब्ती की कार्रवाई... जोनल अधिकारी राज ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 13 दिसंबर को नेशनल लोक अदालत में संपत्तिकर और जलकर के सरचार्ज पर छूट का लाभ उठाने का आखिरी मौका है। लिस्ट में 1 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले सभी शामिल हैं, जिन्हें वर्षानुसार वर्गीकृत किया गया।

ठाकुर ने जोर देकर कहा भुगतान न करने पर संपत्ति कुर्की और जब्ती की सख्त कार्रवाई होगी। निगम अब किसी की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह अभियान इंदौर के राजस्व संग्रह को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बकायादार तत्काल निगम कार्यालय पहुंचें, वरना कानूनी पचड़ा गहरा सकता है।

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