पैसा टोंग्या का, डील बेटे के नाम की ओसवाल ने: दोस्ती में दे दिया दगा
KHULASA FIRST
संवाददाता

जिलियन पार्क की जमीन उलझी, परेशान किसान मिलेंगे कलेक्टर से
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सुपर कॉरिडोर पर देवास के किसानों की जमीन का सौदा करने में जैन समाज का दम भरने वाले बिल्डर सुधीर ओसवाल ने दोस्त अमित टोंग्या के साथ भी दगा कर दिया। पैसा टोंग्या से लिया और डील बेटे सार्थक ओसवाल के नाम से कर ली।
अब किसान परेशान हैं क्योंकि ओसवाल ने मात्र टोकन मनी देकर उलझा दिया। पीडि़त किसान पूरा पैसा न देने की शिकायत लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलेंगे और ओसवाल जैसे भूमाफिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
बेटे सार्थक के खाते में करोड़ों रुपए जमा करने वाले धोखेबाज पिता सुधीर ओसवाल के खिलाफ कल किसानों ने विजय नगर क्षेत्र में बैठक की और तय किया सुधीर ओसवाल जैसे धोखेबाज और भ्रष्ट भूमाफिया के खिलाफ प्रशासन को शिकायत की जाए।
बेटे सार्थक ओसवाल की 11 फरवरी को शादी है और ओसवाल तैयारी में जुटा है लेकिन उसने किसानों के साथ ही अपने मित्र अमित टोंग्या के साथ भी धोखाधड़ी कर अपनी जेब भर ली है।
क्या है मामला
सुपर कॉरिडोर की 11 बीघा जमीन, जिसका सौदा 2.45 करोड़ रुपए प्रति बीघा ओसवाल ने जमीन मालिक देवास के किसानों रामसिंह सोनगरा, महेंद्रसिंह सोनगरा से किया था। सौदे के लिए बिल्डर अमित टोंग्या, जो सुधीर ओसवाल के मित्र हैं, ने 51 लाख रुपए दिए थे, लेकिन दोस्ती में दगाबाजी कर सुधीर ओसवाल ने सौदा बेटे सार्थक के नाम से किया और किसानों को मात्र 41 लाख रुपए की टोकन मनी देकर टरका दिया।
इसके बाद ओसवाल गायब हो गया। न किसानों से मिल रहा है न फोन उठा रहा है। जैन धर्म के नाम की अक्सर दुहाई देने वाला ओसवाल कहीं मिल ही नहीं रहा। उसने दोस्त अमित टोंग्या को भी सौदे से बाहर कर दिया।
सुपर कॉरिडोर पर ओसवाल ने जिलियन पार्क कॉलोनी इस जमीन पर ही काटी है। किसान पटेल, रामसिंह सोनगिरा (चाचा) और महेंद्रसिंह सोनगिरा (भतीजा) की कुल 11 बीघा की कुल कीमत 27 करोड़ तय हुई थी। लेकिन ओसवाल ने पटेल को 21 और सोनगिरा चाचा-भतीजा को मात्र 10-10 लाख ही दिए हैं।
किसानों का कहना है एग्रीमेंट सुधीर ओसवाल ने बेटे सार्थक उर्फ चीनू के नाम से किया। सौदा चिट्ठी ओसवाल के पास ही है, जिसका वो गलत उपयोग कर सकता है। सौदा रेशो डील का था। इसमें चाचा-भतीजे को ढाई करोड़ रुपए डिपॉजिट देने की बात थी। किसान पटेल का कहना है 12 करोड़ रुपए की आउटरेट डील में केवल 21 लाख ही ओसवाल ने दिए हैं।
ब्रोकर संजय परमार ने कराया था सौदा
सौदा ब्रोकर संजय परमार ने कराया है। उन्होंने बताया सुधीर से 5 सौदे कराए हैं। सभी में दांवबाजी की है। पूरी धोखाधड़ी ओसवाल इंटरप्राइजेज के नाम से है। देवास के बाकरगढ़ व शकरगढ़ क्षेत्रों में निजी भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकास को लेकर दो भूमि विकास अनुबंध किए हैं।
दोनों में इंदौर के डेवलपर सार्थक को कॉलोनी विकास का जिम्मा दिया है, जो गलत है। उसके बेटे सार्थक की 11 फरवरी को शादी है और वो उसमें व्यस्त होने का बहाना बनाकर अपने दायित्व से बच रहा है।
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