महू उपजेल अफसर को हमूद दिख रहा ’यमदूत’
Khulasa First
संवाददाता

ठगी के शिकार रिटायर्ड आर्मीकर्मियों में आक्रोश, जेल के बाहर प्रदर्शन की मिल चुकी धमकी
महू उपजेल अधीक्षक को हमूद की सुरक्षा की चिंता, शिफ्टिंग के लिए लिखा जेल मुख्यालय को पत्र
विनय स्वामी 98266-21318 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दिल्ली बम धमाके की जांच फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी से होते हुए चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी तक पहुंची तो उसके महू कनेक्शन का खुलासा हुआ। नतीजा ये कि सिद्दीकी परिवार का काला इतिहास खुल गया। महू पुलिस ने दंगों व धोखाधड़ी में फरार चल रहे जवाद के भाई हमूद को गिरफ्तार कर महू उपजेल भेजकर मुक्ति पा ली, लेकिन उसकी सुरक्षा को लेकर जेल अधिकारियों का तनाव बढ़ गया। उन्हें हमूद पर ठगी के शिकार आर्मीकर्मियों द्वारा हमले का डर सता रहा है। इसके चलते उसे सुरक्षित जेल में शिफ्ट करने के लिए जेल मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास कार में बम धमाका हुआ था, जिसमें 13 लोगों की जान गई थी। इसके बाद हरकत में आई जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी के तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। खबर लगते ही अलफलाह यूनिवर्सिटी का चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी फरार हो गया। 18 नवंबर को ईडी ने उसे मनी लांड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। उसे 1 दिसंबर को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है।
ठगी के बाद परिवार सहित हो गया था फरार
हमूद पर 2000 में तीन मामलों में 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप था। उसने 90 के दशक में भाई जवाद के साथ महू में अलफलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी शुरू की थी। स्थानीय निवासियों, गरीबों विशेष रूप से रिटायर्ड आर्मी अधिकारियों व मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (मेस) के कर्मचारियों को 30-35 प्रतिशत सालाना लाभ का लालच देकर ठगा।
इसके बाद वह परिवार समेत गायब हो गया था। 2019 में उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित हुआ। साल 2000 में इंदौर और भोपाल के एक और फ्रॉड केस में उसका नाम आया। इसके बाद 16 नवंबर को हैदराबाद में रिचवेल फिन कॉर्प नामक प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म चला रहे हमूद को महू पुलिस से गिरफ्तार कर लाई और महू उपजेल भेज दिया।
पहले हो चुकी गैंगस्टर की हत्या
महू उपजेल पहले भी काफी सुर्खियों में रही, जब इंदौर के गैंगस्टर जीतू ठाकुर की जेल में घुसकर हत्या कर दी गई थी। यहां लोकायुक्त का छापा भी पड़ चुका है। कुछ महीनों पहले एक सिपाही का 10 लाख रुपए का लेनदेन करते एक वीडियो वायरल हुआ था। महू के निवेशक आज भी न्याय की राह देख रहे हैं।
एक रिटायर्ड कर्नल का कहना है कि हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई, लेकिन हमूद की गिरफ्तारी के बाद इंसाफ की उम्मीद है। दिल्ली धमाके की जांच ने न केवल आतंकवाद, बल्कि एक परिवार के लंबे आपराधिक इतिहास का भी खुलासा कर दिया है। प्रशासन को अब ठोस कदम उठाना होंगे, ताकि न्याय मिले और सुरक्षा सुनिश्चित हो।
जेल का माहौल संवेदनशील हो गया
पुराने निवेश घोटाले के आरोपी की मौजूदगी से महू जेल का माहौल संवेदनशील हो गया है। जेल प्रशासन ने उच्च मुख्यालय को पत्र लिखकर हमूद को अधिक सुरक्षित जेल स्थानांतरित करने की सिफारिश की है, क्योंकि उसके द्वारा ठगी का शिकार निवेशकों और सेना के रिटायर्ड अधिकारियों में आक्रोश है।
कई लोग जेल के बाहर प्रदर्शन की धमकी दे रहे हैं। जेल अधिकारियों को आशंका है कि हमूद पर हमला हो सकता है। जेल अधीक्षक ने उच्च मुख्यालय को पत्र लिखकर हमूद को इंदौर सेंट्रल या किसी सुरक्षित जेल में शिफ्ट करने की सिफारिश की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, महू छोटा कस्बा है, यहां भावनाएं भड़क सकती हैं। हम सुरक्षा के इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन स्थानांतरण जरूरी लग रहा है।
दंगा भड़काने व हत्या के प्रयास में भी आरोपी
मूलत: कायस्थ मोहल्ला महू के जवाद का महू कनेक्शन सामने आते ही महू पुलिस ने जांच शुरू की तो जवाद अहमद सद्दीकी के परिवार के पुराने काले कारनामों का खुलासा हुआ। जवाद का छोटा भाई हमूद सिद्दीकी 25 साल से फरार पाया गया, जिस पर 1988 और 1989 में दंगा भड़काने व हत्या के प्रयास के दो मामले सामने आए।
हां, जेल मुख्यालय को लिखा है पत्र
हां, मैंने पिछले हफ्ते ही जेल मुख्यालय में पत्र लिखकर हमूद सिद्दीकी को केंद्रीय इकाई में स्थानांतरित करने की मांग की है। ऐसा उसकी सुरक्षा के कारणों के चलते किया। -मीत सानेकर, जेलर, महू उपजेल
संबंधित समाचार

सोने के जेवरों से भरा बैग उठा ले गया कुत्ता:सीसीटीवी फुटेज से खुलासा; पुलिस ने तलाश कर महिला को लौटाया लाखों का सामान

‘पवित्र रिश्ते की आड़ में षड्यंत्र न हो’:राखी से पहले हिंदू संगठनों का अभियान; त्योहार पर खरीदारी को लेकर भी अपील, कांग्रेस ने उठाए सवाल

अगले महीने फिर मार्च करेगी सीजेपी:छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं होने से नाराज; बोली- हमारे धैर्य को कमजोरी न समझें

बेटी की लव मैरिज बनी तनाव की वजह:घर पर फंदे से लटके मिले भाजपा नेता; पुलिस जांच में जुटी

निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी:पदवृद्धि की मांग को लेकर धरना जारी; अस्पताल जाने से इनकार

शादी का भरोसा, फिर रिश्ते से इनकार:एक से 7 साल की दोस्ती; दूसरी से सोशल मीडिया पर पहचान, एफआईआर दर्ज

कूनो से निर्वा लापता:एक हफ्ते से नहीं मिला सुराग; खराब कॉलर से बढ़ी चिंता

सरकारी राशन का खेल पकड़ा:दो संदिग्ध दबोचे; गेहूं-चावल और तौल कांटा मिला, पूछताछ में 3 नाम सामने आए

पति को बुलाकर नर्मदा पुल से कूदी महिला:शव देखकर बेहोश हुआ पति; फोन कर कहा था मायके जा रही हूं

वीडियो देखिये, ‘हमारी सुनवाई नहीं तो कहां जाएं’:पांच महीने से भुगतान का इंतजार; लेबर इंस्पेक्टर पर मजदूरों ने लगाए गंभीर आरोप

एच1एन1 को लेकर अलर्ट:सर्दी-खांसी के मरीज बढ़े; स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

पुलिस में बड़ा फेरबदल:आठ अधिकारियों के तबादले; 3 सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय भेजे, तीन थानों में नए टीआई

टिंबर मार्केट में बड़ा एक्शन:आरा मशीनें सील; रिकॉर्ड और मौके के स्टॉक में मिला अंतर

शिकायतें निपटाईं, समस्या नहीं:सीएम हेल्पलाइन की रेंडम जांच में खुलासा; अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई

ज्वेलर्स के तौल कांटे पर सवाल:सील गायब और पाया टूटा मिला; ग्राहक की शिकायत पर कांटा जब्त, नोटिस जारी

अंतिम श्रावण सोमवार पर सड़कों का निकला दम:सुपर कॉरिडोर से एमआर-10 तक जाम ही जाम; ट्रैफिक में फंसी जनता

पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षक संगठनों का विरोध:पहले जारी हो पात्रों की सूची; मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद होगा अगला निर्णय

कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक:दो राउंड पास अभ्यर्थी इंटरव्यू से बाहर; सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय नेताओं के स्वागत में भाजपा दिखाएगी ताकत:विधानसभाओं से कार्यकर्ता करेंगे शक्ति प्रदर्शन; युवा मोर्चा दावेदारों की भी होगी परीक्षा

बेटे को छोड़ने के बदले 1.20 लाख की रिश्वत:यूपीआई और कैश में ली राशि; क्राइम ब्रांच के तत्कालीन टीआई सहित चार पर एफआईआर
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!