चेहरे संवारने वाला बिगाड़ रहा हिंदू युवतियों की जिंदगी: नाई के जाल में फंस रही हिंदू युवतियां
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । फिर एक मुस्लिम युवक ने एक हिंदू युवती को झांसा देकर करीब डेढ़ महीने कब्जे में रखा और उसकी जिंदगी से खौफ़नाक खिलवाड़ किया। एमजी रोड थाना क्षेत्र की युवती के गायब होने की जानकारी
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
फिर एक मुस्लिम युवक ने एक हिंदू युवती को झांसा देकर करीब डेढ़ महीने कब्जे में रखा और उसकी जिंदगी से खौफ़नाक खिलवाड़ किया। एमजी रोड थाना क्षेत्र की युवती के गायब होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
थाना प्रभारी ने विशेष टीम बनाकर दबिश डलवाई और आरोपी सूफियान खान को मुसाखेड़ी से घेराबंदी कर पकड़ लिया। सूफियान पेशे से नाई है जबकि पिता एयर कंडीशनर रिपेयरर।
पुलिस ने युवती को परिजनों के हवाले किया। सामने आया है कि आरोपी उसे इंदौर से कोटा ले गया, जहां कथित रूप से शादी का एग्रीमेंट बनवाया था। पुलिस को गहरा संदेह है ऐसे फर्जी विवाह-एग्रीमेंट तैयार कराने में कोई संगठित गिरोह भी काम कर रहा है, जिसकी भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने युवती पर दबाव डालकर उसका पहनावा बदलवाया, धार्मिक रस्में थोपने की कोशिश की और संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। जांच में सामने आया सूफियान पर पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं व उसका नाम बाणगंगा थाने के प्रकरणों में भी है। अन्य युवतियां भी सामने आई हैं, जो आरोपी की हरकतों से पीड़ित बताई जा रही हैं। वे अब सामाजिक संगठनों के संपर्क में हैं। पुलिस सभी मामलों को जोड़कर आरोपी पर धाराएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश से बाहर ले जाकर शादी के नाम पर शोषण, फर्जी एग्रीमेंट, धमकियां और मानसिक दबाव, ये सभी गंभीर अपराधों की श्रेणी में आते हैं और पुलिस ने इनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कड़ी कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
घटना के खुलासे के दौरान कई सामाजिक संगठन थाने पहुंचे और कठोर कार्रवाई की मांग की। मौके पर राजपूत करणी सेना के हिंदूवादी कार्यकर्ता—मानसिंह राजावत, नितिन सिंह, लक्की, बाहुबली और अन्य साथी मौजूद रहे।
लव जिहाद के विरुद्ध कानून
उप्र: गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण निषेध अधि, 2021: धर्म छिपाकर शादी करने पर कठोर सजा का प्रावधान। 10 साल तक जेल, भारी जुर्माना।
मप्र: धार्मिक स्वतंत्रता अधि. 2021 में भी इसी तरह के प्रावधान हैं। जबरन धर्मांतरण के मामलों में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
उत्तराखंड: उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 भी इसी तरह के धर्मांतरण विरोधी प्रावधानों को लागू करता है।
गुजरात: धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम 2003 में संशोधन कर जबरन या धोखाधड़ी से विवाह द्वारा धर्मांतरण के खिलाफ कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं।
हरियाणा: इस संबंध में कानून प्रक्रिया में है। समिति बनाई गई है।
हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और कर्नाटक (कांग्रेस सरकार ने निरस्त कर दिया) जैसे अन्य राज्यों में भी पहले से या नए धर्मांतरण विरोधी कानून हैं।
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