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लापरवाही की जाली से भाग निकला ‘हत्यारा’: आनन-फानन में एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने लगवाई जाली; लव अफेयर और मर्डर में था सेंट्रल जेल में बंद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । लव-अफेसर के बाद प्रेमिका को ठिकाने लगाने वाला हत्यारा जेल प्रहरी को चकमा दे भाग निकला। कुछ दिनों से एमवाय में भर्ती हत्यारे को प्रहरी जांच के लिए चौथी मंजिल पर ले गया, फ्रेश होन

Khulasa First

संवाददाता

29 नवंबर 2025, 2:45 pm
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लापरवाही की जाली से भाग निकला ‘हत्यारा’

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
लव-अफेसर के बाद प्रेमिका को ठिकाने लगाने वाला हत्यारा जेल प्रहरी को चकमा दे भाग निकला। कुछ दिनों से एमवाय में भर्ती हत्यारे को प्रहरी जांच के लिए चौथी मंजिल पर ले गया, फ्रेश होने का बहाना कर वह बाथरूम सेे भाग निकला।

मामले का खुलासा होने पर अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए खिड़की पर जाली लगवा दी। वहीं, केस दर्ज करने के बाद पुलिस अभी तक उसे तलाश नहीं पाई है।

2023 से परदेशीपुरा क्षेत्र में हुई युवती की हत्या में गिरफ्तार कुलकर्णी भट्टा का विशाल पिता खरदे प्रजापति पेट की तकलीफ के चलते 19 नवंबर से एमवाय में भर्ती था। उसकी सोनोग्राफी व अन्य जांच हो चुकी थी, लेकिन कल सुबह कोलोनोस्कोपी जांच के लिए सेंट्रल जेल प्रहरी दीपक शर्मा उसे अस्पताल की चौथी मंजिल पर ले गया।

विशाल ने प्रहरी होने जाने की बात कही। प्रहरी ने उसे बाथरूम में हथकड़ी सहित जाने दिया। बाथरूम में बनी खिड़की पर जाली नहीं लगी थी। वहीं, निर्माण कार्य के चलते खिड़की के नीचे अस्थायी मचान पर उतरकर विशाल भाग गया। प्रहरी दीपक ने बाथरूम का दरवाजा खोलकर झांका। अंदर विशाल नहीं दिखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने खिड़की से बाहर झांका तो माजरा समझते देर नहीं लगी। उसने तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सेंट्रल जेल में अफसरों को सूचना दी। वहां से मिले निर्देश के बाद संयोगितागंज पुलिस को खबर की गई।

केस दर्ज करने के बाद विशाल की तलाश में जुटी संयोगितागंज पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन विशाल कहीं पर भी कैमरे की नजर में नहीं आया। टीआई केपी सिंह के अनुसार आरोपी विशाल की तलाश में टीमें लगाई है। उसके घर पर भी एक टीम गई थी, लेकिन वह नहीं मिला।

पूछताछ में पत्नी ने बताया कि पति जेल में हैं। उसे पति के भागने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए उस बाथरूम की खिड़की पर आनन-फानन में जाली गलवा दी है, जहां से विशाल भागा था।

मोबाइल डिटेल से पकड़ा था आरोपी
22 जनवरी 2021 को कुलकर्णी का भट्टा के पुल चौड़ीकरण के लिए निगमकर्मी खुदाई करवा रहे थे। इस दौरान उन्हें मानव कंकाल मिला। क्राइम ब्रांच जांच में जुटी तो खुलासा हुआ कि श्याम नगर निवासी अर्चना डाबर लापता है। हीरानगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज है।

अर्चना के मोबाइल लोकेशन और आखिरी कॉल डिटेल्स के बाद विशाल प्रजापति को पकड़ा गया। उसने अपने साथियों सत्यनारायण सोलंकी और शिवनंदन राठौर (काशीपुरी) के साथ अर्चना की हत्या करना स्वीकार लिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी से होते थे झगड़े इसलिए लगाया ठिकाने: गिरफ्तारी के बाद विशाल प्रजापति ने बताया कि वह पहले अवैध शराब का काम करता था। 2016-17 में महिला थाने की गाड़ी चलाने लगा। पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता था।

बाद में स्कीम 78 के विक्की की अवैध शराब बेचने लगा। धंधे के चलते संदीप डाबर उसे उसकी पार्टनरी हो गई। इस दौरान संदीप की चचेरी बहन अर्चना से पहले दोस्ती और प्रेम प्रसंग हो गया। अर्चना को लेकर विशाल के उसकी पत्नी से आए दिन विवाद होने लगे।

आखिरकार उसने अर्चना को रास्ते से हटाने की साजिश रचते हुए 6 मई 2020 को उसे अपने घर बुलाया और दोस्तों की मदद से गला घोंटकर हत्या के बाद शव को कुलकर्णी का भट्टा के सूखे चेंबर में फेंकने के बाद उस पर नमक और मिट्टी डाल दी।

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