इरादा गलत नहीं था: कर्नल विवाद मामले में मंत्री ने फिर मांगी माफी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। शुक्रवार 7 फरवरी को वह कुछ समय के लिए इंदौर स्थित रेसीडेंसी कोठी पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया के सामने अपनी सफाई रखी।
कोर्ट पहले ही सख्त रुख अपना चुका है
इसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। यह माफी ऐसे समय पर आई है, जब इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही सख्त रुख अपना चुका है और राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछ चुका है।
इरादा गलत नहीं था” – विजय शाह
विजय शाह ने फिर मांगी माफी मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मेरा किसी भी महिला अधिकारी, भारतीय सेना, या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था...ये शब्द देशभक्ति के जोश, उत्साह और जुनून में कहे गए थे।
गलती के पीछे की भावना पर विचार किया जाना चाहिए। जैसा कि आप सभी जानते हैं, मेरा कोई गलत इरादा नहीं था। मैंने कई बार ईमानदारी से माफी मांगी है, और आज फिर से ऐसा कर रहा हूं। मेरे लिए यह बहुत दुख की बात है कि मेरी एक छोटी सी गलती से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में समझा जाएगा। मेरे मन में हमेशा भारतीय सेना के लिए बहुत सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में, शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता बहुत महत्वपूर्ण होती है। मैंने इस घटना पर विचार किया है, इससे सबक सीखा है।
मंत्री शाह ने आगे कहा कि मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। मैं भविष्य में अपने शब्दों को लेकर ज्यादा सावधान रहूंगा, और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार फिर, मैं सभी नागरिकों, भारतीय सेना और इस मामले से जुड़े सभी लोगों से ईमानदारी से माफी मांगता हूं।
यहां से शुरू हुआ था विवाद
पूरा विवाद 11 मई को शुरू हुआ था, जब इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर देशभर में नाराजगी देखने को मिली और राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया हुई।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
इस मामले की सुनवाई के दौरान 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की माफी पर नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। विजय शाह एक पब्लिक फिगर हैं।
उन्हें बोलते समय शब्दों का चयन बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। कोर्ट ने यहां तक कहा था कि अब सब कुछ सार्वजनिक हो चुका है और केवल माफी से मामला हल्का नहीं किया जा सकता।
सरकार पर भी उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से यह भी पूछा था कि जब SIT अगस्त 2025 में जांच पूरी कर चुकी है, तो अब तक अभियोजन की मंजूरी क्यों नहीं दी गई। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सरकार को दो हफ्ते के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि कानून के तहत फैसला लेना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें टालमटोल नहीं चल सकती।
9 फरवरी को हो सकती है अगली सुनवाई
राज्य सरकार को अभियोजन मंजूरी पर फैसला लेना होगा। कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी। SIT को अतिरिक्त जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 9 फरवरी को हो सकती है।
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