पहली जनबस इंदौर-उज्जैन के बीच चलेगी: राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित छह राज्य जुड़ेंगे
KHULASA FIRST
संवाददाता

आदित्य शुक्ला 98260-63956 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश में सरकारी बसों(जनबस) का संचालन शुरु करने की कवायद जोरशोर से जारी है। इसकी शुरुआत इंदौर से उज्जैन के बीच बसों की आवाजाही से शुरु हो सकती है।
बताया जाता है प्रदेश सहित आसपास के छह राज्यों में बसों का संचालन शुरु करने के लिए 389 मार्ग तय कर लिए है। पारदर्शी कामकाज के लिए आत्याधुनिक संसाधनों का उपयोग होगा।
21 साल पहले मप्र परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था। इससे निजी बस ऑपरेटरों का बर्चस्व हो गया। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी बसों का संचालन शुरु करने का निर्णय लिया है।
इसका जिम्मा आईएएस मनीष सिंह को सौंपा। इसके बाद कवायद तेज हुई। पूरी व्यवस्था पृथक कमर्शियल कंपनी द्वारा संचालित करने का निर्णय लिया गया, जो शासन के नियंत्रण में होगी लेकिन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के जरिए किया जाएगा।
बताया जाता है लगभग सभी तैयारी हो गई है। 389 मार्ग तय कर लिए गए हैं। ये वे हैं जिन मार्गो पर पहले सरकारी बसें दौड़ती थी। एक बार फिर इन मार्गों पर बसों का संचालन शुरु करने का निर्णय लिया गया है।
इंदौर-उज्जैन संभाग से शुरुआत
सूत्रो की मानें तो शुरुआत इंदौर से उज्जैन के बीच बस चलाकर होगी। इसके बाद प्रदेश के कई शहरों तक बसों की आवाजाही शुरु की जाएगी। साथ ही उप्र, राजस्थान सहित छह राज्यों तक सरकारी बसों का संचालन होगा। इससे यात्रियो को निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से छुटकारा मिलेगा।
पांच संभागीय कंपनियां
बस संचालन के लिए मुख्य कंपनी भोपाल में बनाई गई है। सहयोग के लिए संभाग स्तर पर पांच कंपनिया बनाई जा रही हैं। इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर व रीवा शामिल है। बताया जाता है कंपनियां बस संचालन की निगरानी करेंगी। बसों का रखरखाव भी इनके जरिए होगा।
सबसे ज्यादा रूट राजस्थान के
करीब 15 साल बाद प्रदेश की सरकारी बसें 6 राज्यों को जोड़ेंगी। राजस्थान के लिए सबसे ज्यादा 200 रूट तय किए गए हैं। महाराष्ट्र 81, उप्र 69, गुजरात 30, उत्तराखंड 9 एवं हरियाणा के लिए 3 मार्ग तय किए गए है। इस तरह हरियाणा और उत्तराखंड के लिए सीधी बस सेवा शुरु होगी।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी
तैयारियां लगभग पूरी है। महज स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन बाकी है। इसका गठन होने के बाद बसों के परमिट व संचालन को क्लनचिट दी जा सकेगी। बताया जाता है शासन नई बसों की खरीदी से बच रहा है। इसके चलते जो निजी बसें तय मार्ग पर चल रही है उन बसों को शासन के अधीन चलाने की योजना बनाई गई है। इससे कम खर्च पर संचालन शुरु हो सकेगा। निजी बस आपरेटरों से अनुबंध किए जाएगे।
टीम कर रही निरीक्षण
बताया जाता है भोपाल से अधिकारियों का एक दल इंदौर आया हुआ है, जो नायता मुंडला, सरवटे, गंगवाल और कुमेडी बस स्टैंड की व्यवस्थाओ का जायजा ले रहा है। सूत्रो की मानें तो दल में शामिल अधिकारी बस स्टैंड पर बसों का संचालन के साथ-साथ व्यवस्थाओ में जुटे कर्मचारियों का ब्योरा भी ले रहे हैं। निरीक्षण के बाद कुमेडी में सभी व्यवस्थाएं बनाकर प्रदेश स्तरीय बस सेवा का संचालन शुरु किया जा सकता है।
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