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महाकाल से ओंकारेश्वर की दूरी 12 किमी होगी कम: 20 प्रतिशत काम ही बाकी; इंदौर से खंडवा, बुरहानपुर, जलगांव के बीच भी यातायात बेहतर होगा

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 मार्च 2026, 4:08 pm
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महाकाल से ओंकारेश्वर की दूरी 12 किमी होगी कम

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सिंहस्थ से पूर्व महाकाल से ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अब श्रद्धालु बिना इंदौर आए महाकाल दर्शन के बाद सीधे आंेकारेश्वर जा सकेंगे और ये दूरी भी 12 किमी कम हो जाएगी। ये सीधा मार्ग इंदौर-खंडवा-इच्छापुर राजमार्ग है। इसका 20 प्रतिशत काम ही बाकी है।

सवा साल देरी से चल रहे इस राजमार्ग पर सुरंग और वायाडक्ट बनाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात होगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सुरंग और वायाडक्ट बन जाने के बाद महाकाल से सीधे ओंकारेश्वर तक का रास्ता 12 किमी कम हो जाएगा।

सिमरोल से चोरल के बीच आने वाले दो घाट सेक्शन भी खत्म कर दिए जाएंगे। इससे वक्त भी बचेगा। 216 किमी लंबे इस राजमार्ग पर तीन सुरंगें बन रही हैं। दो 500-500 और एक 300 मीटर लंबी है। तलाई में बनाई जा रही पहली सुरंग से निकलते ही वाहन वायाडक्ट से गुजरेंगे।

यहां पहाड़ों के बीच दो वायाडक्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें पहला 500 और दूसरा 450 मीटर का वायाडक्ट रहेगा। दोनों का काम 60 फीसद पूरा हो चुका है। मेघा इंजीनियरिंग ने वायाडक्ट का काम नवंबर-दिसंबर के बीच पूरा करने का दावा किया है। इसके अलावा चोरल की नदी पर तीन माइनर ब्रिज कम वायाडक्ट रहेंगे।

इसके चलते इंदौर से ओंकारेश्वर पहुंचने में महज एक घंटा चालीस मिनट का समय लगेगा, जबकि वर्तमान में 80 किमी की दूरी तय करने में पौने तीन घंटे लगते है। वायडक्ट की वजह से घाट सेक्शन खत्म होगा। समय कम लगने की वजह यह है कि सफर 10-12 किलोमीटर कम होगा।

मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव के मुताबिक ओंकारेश्वर के अलावा खंडवा भी ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे। आरओबी का काम भी तेज सफर आसान करने के लिए राजमार्ग पर सुरंग-वायाडक्ट के अलावा बड़वाह में आरओबी का काम चल रहा है। अलाइटमेंट बदलने के बाद आरओबी के लिए अतिरिक्त जमीन भी मिल चुकी है।

एनएचएआई ने सड़क की क्षमता, सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन के लिए एक-एक मेजर ब्रिज-व्हीकल ओवर पास (वीओपी), चार व्हीकल अंडर पास (वीयूपी), एक लाइट व्हीकल अंडर पास (एलवीयूपी), छह स्माल व्हीकल अंडर पास (एसवीयूपी), 14 माइनर ब्रिज, 22 बाक्स कल्वर्ट तथा 11 पाइप कल्वर्ट का निर्माण कर रहा है।

बेहतर हो जाएगी कनेक्टिविटी
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव के मुताबिक इंदौर से खंडवा, बुरहानपुर, जलगांव के बीच भी यातायात बेहतर हो जाएगा। इन शहरों के बीच कनेक्टिविटी आसान होगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, कृषि परिवहन, पर्यटन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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