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नगर निगम संपत्तिकर खाते में सुधार की समयसीमा समाप्त, अब होगी जांच

अपर आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर जांचा जाएगा एआरओ का कामकाज खुलासा फर्स्ट…इंदौर । नगर निगम के अफसरों ने राजस्व वसूली के लिए नया पैतरा आजमाया है। इसके चलते सभी सहायक राजस्व अधिकारियों को 30 नवंबर तक सं

Khulasa First

संवाददाता

01 दिसंबर 2025, 10:49 पूर्वाह्न
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नगर निगम संपत्तिकर खाते में सुधार की समयसीमा समाप्त, अब होगी जांच

अपर आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर जांचा जाएगा एआरओ का कामकाज

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
नगर निगम के अफसरों ने राजस्व वसूली के लिए नया पैतरा आजमाया है। इसके चलते सभी सहायक राजस्व अधिकारियों को 30 नवंबर तक संपत्तिकर खातों में सुधार के निर्देश दिए गए थे। समयसीमा समाप्त होने के बाद अब निशाने पर आए एआरओ पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जोनल कार्यालय पर लगाए गए जांच शिविर की रिपोर्ट को आधार बनाया जा सकता है।

नगर निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते जो अफसर जिस जगह बैठा है उसने अपनी मनमानी शुरू कर दी है। इसी वजह से नगर निगम अफसरो की मनमानी का केंद्र बना हुआ है। मौजूदा में निगम का राजस्व विभाग अपने कामकाज को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। विभाग की कमान संभाल रहे अपर आयुक्त श्रंगार श्रीवास्तव इंदौर से पहले भी जुड़े रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए उन्होंने राजस्व वसूली को बढ़ाने की नई योजना बनाई है। इसके चलते उन्होंने निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव के जरिए पहले वार्ड 74 में निगम के सैकड़ों कर्मचारियों को एक साथ जांच के लिए मैदान में उतार दिया, लेकिन वहां निगम कर्मचारियों की मनमानी का जनप्रतिनिधियों ने खुलकर विरोध किया।

इसके बाद निगमायुक्त को वह सर्वे रोकना पड़ा। लेकिन अपर आयुक्त श्रीवास्तव ने नया पैतरा अपना लिया। इसके चलते जनप्रतिनिधियों को खुश करने के लिहाज से जोनल कार्यालय पर पंद्रह दिन के शिविर लगाए गए। इनमें संपत्तिकर खातों में सुधार कराया गया। इस प्रक्रिया में कुछ सहायक राजस्व अधिकारी कमतर साबित हुए हैं। जिनको अपर आयुक्त ने टारगेट पर लेकर कार्रवाई का मना बना लिया है। इसके साथ ही सभी 22 जोन के सहायक राजस्व अधिकारियों को 30 नवंबर तक अपने क्षेत्र की संभी संंपत्तियों के खाते में सुधार कर उसकी वर्तमान जानकारी दर्ज करने का लक्ष्य सौंपा गया। यह समयसीमा भी समाप्त हो गई है।

व्यापारी नाराज...
राजस्व विभाग के अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव निगम का राजस्व बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन महापौर की घोषणा पर अमल करने में भी कोताही बरती जा रही है। निगम मार्केट की दुकानों के व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल कई बार महापौर से मिल चुका है कि निगम दस रुपए के हिसाब से किराया वसूल रहा है जो नियम विरुद्ध है। व्यापारियों को महापौर कई बार आश्वासन भी दे चुके हैं। इसके बाद निगम अफसर बदल गए, लेकिन महापौर की घोषणा पर अब तक अमल नहीं हुआ है।

वहीं मौजूदा अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव भी पुराने ढर्ऱे पर चलकर दुकानदारों से जबरिया दस रुपए के हिसाब से किराया वसूलने की प्रक्रिया पर ही चल रहे हैं। इससे व्यापारियों में नाराजगी का माहौल बनने लगा है। वहीं व्यापारियों की शिकायत पर महापौर ने राजस्व विभाग के अफसरों को हिदायत दी है कि वह की गई घोषणा पर अमल करते हुए किराया वसूली में बदलाव करें। अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

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