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डीसीपी ने रात डेढ़ बजे सुनी मां-बेटे की पीड़ा: दोनों पक्षों को सुनने के बाद दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन

थाने में नहीं हुई सुनवाई तो सीधे रानी सराय स्थित ऑफिस पहुंच गया था पीड़ित खुलासा फर्स्ट…इंदौर शहर में देर रात साढ़े बारह–एक बजे के बाद पुलिस अधिकारियों के दरवाजे कम ही खुलते हैं, लेकिन मंगलवार रात डीस

Khulasa First

संवाददाता

04 दिसंबर 2025, 2:13 अपराह्न
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डीसीपी ने रात डेढ़ बजे सुनी मां-बेटे की पीड़ा

थाने में नहीं हुई सुनवाई तो सीधे रानी सराय स्थित ऑफिस पहुंच गया था पीड़ित

खुलासा फर्स्ट…इंदौर

शहर में देर रात साढ़े बारह–एक बजे के बाद पुलिस अधिकारियों के दरवाजे कम ही खुलते हैं, लेकिन मंगलवार रात डीसीपी जोन-2 कृष्ण लालचंदानी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मां-बेटे की पीड़ा आधी रात को सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

स्कीम 103 निवासी भारत वर्धानी मां भावना के साथ रात करीब डेढ़ बजे डीसीपी ऑफिस पहुंचे। मां-बेटे के देर रात ऑफिस के बाहर खड़े होने की बात सुनते ही डीसीपी ने दोनों को बुलाया और पूरी घटना सुनी। भारत ने डीसीपी को बताया कि उनके फ्लैट के नीचे स्थित राधे-राधे दूध डेरी के संचालक दिनेश जोशी, राकेश व कृष्णा वर्षों से उनसे विवाद कर रहे हैं।

बोरिंग के कारण हुए झगड़े ने इतना तूल पकड़ा है कि मारपीट की नौबत आ जाती है। 2023 और 2024 में भी वह राजेंद्र नगर थाने में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ एनसीआर काटकर मामला निपटा दिया जाता है। मैं विदेश में रहता हूं, मेरे माता-पिता अकेले हैं। इनसे जान का खतरा है… कल तो मेरे घर के बाहर लगा कैमरा भी नीचे कर दिया और मां के साथ बदसलूकी की। पीड़ित की बात सुनते ही डीसीपी ने तुरंत टीआई नीरज बिरथरे को फोन लगाया और दोनों पक्षों को अगले दिन थाने बुलाकर निष्पक्ष सुनवाई कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अनजान थे टीआई, थाने पहुंचे तो घनघनाया फोन
जानकारी के मुताबिक भारत बुधवार रात पहले थाने पर एफआईआर करने पहुंचे थे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि टीआई साहब मीटिंग में हैं, आने पर ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। भारत और उनकी मां थाने में इंतजार करते रहे, लेकिन टीआई नीरज बिरथरे मीटिंग में होने के कारण थाने नहीं पहुंचे। इसके बाद थक-हारकर दोनों डीसीपी ऑफिस चले गए।

संयोग से ठीक कुछ मिनट पहले ही टीआई मीटिंग खत्म कर डीसीपी दफ्तर से लौटकर थाने पहुंचे थे और अभी वह घटना से पूरी तरह अनजान थे। कुछ ही देर बाद उनके फोन पर डीसीपी कृष्ण लालचंदानी का कॉल आया, जिसमें डीसीपी ने मां-बेटे की शिकायत बताते हुए दोनों पक्षों को सुबह थाने बुलवाने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। टीआई ने भी पीड़ितों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत दर्ज कर उचित निराकरण किया जाएगा।

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