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प्रदेश का नाम रोशन करने वाली बेटी हार गई जिंदगी की जंग: नेशनल खिलाड़ी ने किया सुसाइड

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 12:00 अपराह्न
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प्रदेश का नाम रोशन करने वाली बेटी हार गई जिंदगी की जंग

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू की रहने वाली 21 वर्षीय नेशनल पॉवर लिफ्टिंग खिलाड़ी दिव्या ने 8 फरवरी को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। तीन बार प्रदेश व परिवार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली खिलाड़ी आखिरकार मानसिक दबाव के आगे टूट गई।

जिस जिम में वह अपने सपनों को आकार देने जाती थी, वहीं से जुड़े विवाद और तनाव उसकी मौत की वजह बताए जा रहे हैं। महू थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है, लेकिन कई दिन बाद भी परिजन के विस्तृत बयान दर्ज नहीं होने से जांच पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिवार अपने स्तर पर सच्चाई सामने लाने की कोशिश में जुटा है।

दिव्या की मां सीमा के अनुसार बेटी को पॉवर लिफ्टिंग का जुनून था और वह महू टोल क्षेत्र स्थित जिम में अभ्यास कर रही थी। उसका सपना था महू ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम देशभर में रोशन करे। करीब दो साल पहले उसी जिम में पर्सनल ट्रेनर निखिल से प्रशिक्षण लेना शुरू किया था।

खेल के साथ-साथ दिव्या चोइथराम अस्पताल से फिजियोथैरेपी की डिग्री भी कर रही थी। पिता न होने से वह परिवार की जिम्मेदारी उठाने और मां का सहारा बनने के लिए संघर्ष कर रही थी। मां सीमा घरों में काम कर दोनों का पालन-पोषण कर रही है, दिव्या का छोटा भाई छठी कक्षा का छात्र है।

परिजन का आरोप- सुसाइड नहीं, प्रताड़ना ने ले ली बेटी की जान
परिवार ने सीधे तौर पर जिम ट्रेनर निखिल और अंशुल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का कहना है दिव्या ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि मानसिक दबाव और परेशानियों ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। परिजन के मुताबिक मोबाइल चैट से भी संकेत मिल रहे हैं कि दोनों युवक लंबे समय से दिव्या के पीछे पड़े हुए थे।

वह अपने कॅरियर को लेकर गंभीर थी और जिम जाना उसकी मजबूरी थी, इसलिए उसे ट्रेनर निखिल से संपर्क रखना पड़ता था। बताया जा रहा है कि निखिल से उसकी बातचीत अंशुल को पसंद नहीं थी और दोनों युवकों के बीच चल रहा विवाद ही धीरे-धीरे दिव्या के लिए मानसिक यातना बन गया।

स्कूल समय से पीछा कर रहा था अंशुल
मां सीमा के मुताबिक अंशुल दिव्या को 12वीं कक्षा से ही परेशान करता था। उसकी शादी के बाद कुछ समय तक वह दूर रहा, जिससे परिवार को लगा कि मामला खत्म हो गया है। लेकिन हाल के दिनों में वह फिर जिम के बाहर दिव्या का पीछा करने लगा।

घटना से एक-दो दिन पहले अंशुल ने फोन कर आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिससे दिव्या बेहद आहत हो गई थी। यह बात सामने आने के बाद परिवार ने उसे अंशुल से पूरी तरह दूरी बनाने को कहा, लेकिन मानसिक दबाव के बाद उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में अभी तक जांच शुरू नहीं की है।

मानसिक तनाव में थी
मृतका की मां का आरोप है कि निखिल और अंशुल की वजह से दिव्या मानसिक तनाव में रहने लगी थी। निखिल उसका पर्सनल ट्रेनर था और कई बार उसे घर छोड़ने आता था। 24 जनवरी को जब निखिल घर आया तो परिवार ने नाराजगी जताते हुए दिव्या को दूरी बनाने की सलाह दी।

इसके बाद वह केवल जिम में ही उससे मिलती थी। जानकारी अनुसार निखिल प्रशिक्षण के नाम पर हर महीने पांच हजार रुपए लेता था। दिव्या की मौत के बाद दोस्तों से हुई बातचीत में सामने आया कि लंबे समय से दोनों से परेशान थी। दोस्तों ने पुलिस में शिकायत करने की सलाह भी दी थी, लेकिन डर और दबाव के कारण वह ऐसा नहीं कर सकी।

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