निगम ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस थमाया
KHULASA FIRST
संवाददाता

नाले पर कब्जा, निगम बेबस: धर्मराज कॉलोनी में अवैध प्लॉटिंग का खेल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक वर्ष पहले खुलासा फर्स्ट द्वारा नाले को भरकर अवैध प्लॉट काटे जाने का खुलासा किया गया था, लेकिन नगर निगम अब हरकत में आया है। अवैध कॉलोनी में निवेश कर चुके दो पीड़ित सामने आए हैं।
सवाल यह है कि जब अवैध गतिविधि का पहले ही खुलासा हो गया था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अब इन पीड़ितों को न्याय कौन और कैसे दिलाएगा?
धर्मराज कॉलोनी जिस भूमि पर विकसित की गई, वह शंकर महेश पिता अयोध्या प्रसाद के नाम पर दर्ज है। भूमि का खसरा नंबर 194 है और कुल रकबा 2.723 हेक्टेयर। जांच में पाया गया कि यह जमीन कृषि उपयोग की थी, जिसका न तो आवासीय डायवर्शन कराया गया और न ही टीएनएसपी (नगर एवं ग्राम निवेश) से कोई वैध नक्शा स्वीकृत हुआ। इसके बावजूद पूरी कॉलोनी काट दी गई।
नाले की जमीन पर सड़क-ड्रेनेज, करोड़ों का अवैध सौदा
धर्मराज कॉलोनी में शासकीय नाले की भूमि पर सड़क और ड्रेनेज डालकर 18 से 20 अवैध प्लॉट तैयार किए गए। नोटरी के जरिये 15-20 लाख रुपए में प्रति प्लॉट बेचा गया, जिससे करीब 3 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ है। प्रशासनिक जांच में नाले पर अतिक्रमण और बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि होने के बाद भी छह महीने से अधिक समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई के वक्त निगम के कदम डगमगाए
नाले पर हुए अवैध निर्माण हटाने पहुंचा नगर निगम का अमला विरोध के चलते बिना कार्रवाई लौट आया। मौके पर न तो पर्याप्त पुलिस बल सक्रिय दिखा और न ही निगम अधिकारी निर्णायक रुख अपना सके। अंततः सिर्फ 7 दिन का नोटिस थमाकर कार्रवाई टाल दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण से बारिश के मौसम में जलभराव और हादसे का गंभीर खतरा बना रहता है, लेकिन निगम इस ओर सख्त कदम नहीं उठा रहा।
पटवारी की लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के आरोप
मामले में पटवारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि शासकीय नाला भूमि पर अतिक्रमण की स्पष्ट रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं की गई। स्थगन आदेशों के बावजूद निर्माण जारी रहा और अब अवैध मकान बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते कॉलोनाइजर बेखौफ हो वर्षों से यह अवैध गतिविधि कर रहा है।
निगम अधिकारी का दावा- अगली बार सख्त कार्रवाई: बीओ वैभव देवलासे ने बताया दूसरी पोकलेन मशीन मंगाई गई है और अगली कार्रवाई में रिटर्निंगवॉल तोड़ी जाएगी। यह क्षेत्र जोन-20, वार्ड-6 में आता है, जहां ओझा नामक व्यक्ति द्वारा नाले पर प्लॉट काटकर विक्रय किया गया।
संबंधित व्यक्ति को कई नोटिस दिए जा चुके, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। निगम आयुक्त के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।
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