भागीरथपुरा का खूनी जल: प्रशासन के झूठ की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी; पहलवान खूबचंद भी हारे मौत से जंग
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में सरकारी लापरवाही ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। प्रशासन की संवेदनहीनता और जल प्रदाय विभाग की घातक अनदेखी के कारण मंगलवार को 62 वर्षीय खूबचंद बंधोनिया की मौत हो गई।
यह मौत आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की नाकामी है, क्योंकि यह इस क्षेत्र में दूषित पानी के कारण होने वाली 29वीं मौत है। मौत का यह खौफनाक आंकड़ा प्रशासन की उन फाइलों को मुंह चिढ़ा रहा है, जिनमें सब कुछ सामान्य होने का दावा है।
विजेता पहलवान रहे खूबचंद बंधोनिया ने अखाड़े में उम्रभर बड़े-बड़े विरोधियों को पटखनी दी लेकिन नलों के जरिए घर तक पहुंचे दूषित पानी के संक्रमण को मात नहीं दे सके। मृतक के बेटे रोहित ने बताया पिता पहले मिल में काम करते थे और अपने समय के नामी पहलवान रहे।
पिछले कई दिनों से वे उल्टी और दस्त की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। रोहित का सीधा आरोप है प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सीवरेज मिश्रित दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही थी, जिसकी बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी थीं। इसी जहरीले पानी ने उनके पिता की जान ले ली।
भागीरथपुरा में पेयजल और सीवरेज लाइनों के आपस में मिलने से पूरा इलाका संक्रमण की चपेट में है। उल्टी-दस्त के कहर ने घर-घर में दहशत फैला रखी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी केवल कागजी जांच और खानापूर्ति का खेल खेल रहे हैं।
यह मौत प्रशासन के उन तमाम आश्वासनों पर तमाचा है, जिनमें वे जनता की सुरक्षा का दम भरते हैं। सवाल है क्या प्रशासन और लाशों का इंतजार कर रहा है? 29 मौतें होने के बाद भी पाइप लाइन को दुरुस्त न करना साबित करता है तंत्र के लिए आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है।
खूबचंद का जाना न केवल एक परिवार की क्षति है, बल्कि उस अंधी व्यवस्था की गवाही है जिसने एक ताकतवर पहलवान को पीने के पानी के नाम पर जहर परोसकर मौत की नींद सुला दिया।
खूबचंद का शव रखकर किया प्रदर्शन : भागीरथपुरा के खूबचंद पिता गन्नूदास की दूषित पानी से मंगलवार को मौत हो गई। बुधवार सुबह जब उनकी शवयात्रा निकली तो उनके परिजनों ने अंत्येष्टी से पहले सडक़ पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
खूबचंद की मौत के साथ ही भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या 29 हो गई है। परिवारजनो का कहना है कि प्रशासन ने अब तक कोई सहायता नहीं की है। इससे अंतिम संस्कार करने में भी परेशानी हो रही है।
भागीरथपुरा में लगातार होने वाली मौतो से रहवासियो में आक्रोश पनपने लगा है। हर कोई प्रशासन, निगम व स्वास्थ्य विभाग के अफसरो को कोसता रहा।
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