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भिक्षुक मांगीलाल तो सबसे बड़ा देवीलाल निकला: अभियान में मिले तीन पक्के मकान; देता है ब्याज पर पैसा

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 जनवरी 2026, 12:30 अपराह्न
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भिक्षुक मांगीलाल तो सबसे बड़ा देवीलाल निकला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर उद्योग-धंधों से जितना आबाद है, उतना ही भिक्षावृत्ति में भी। प्रशासन के भिक्षावृत्ति रोकने के तमाम दावों के बावजूद प्रवृत्ति कम नहीं हो रही। प्रशासन की टीम ने एक ऐसे भिक्षुक को पकड़ा, जिसके न केवल तीन पक्के मकान हैं, बल्कि वो सराफा के व्यापारियों को ब्याज पर पैसा भी देता है।

इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत गठित महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने सराफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाले मांगीलाल को पकड़ा ती उसकी हकीकत जान चौंक गए। वो करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। कार से भीख मांगने आता था।

उसने ड्राइवर भी रखा था। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे सराफा में दिखाई देने वाला मांगीलाल लोगों की सहानुभूति लेकर रोज सैकड़ों रुपए कमा रहा था। लोगों पास जाकर खड़ा हो जाता था और लोग बगैर मांगे रुपए दे देते थे।

पूछताछ में मांगीलाल ने बताया रोज पांच सौ से एक हजार रुपए मिल जाते थे। भिक्षावृत्ति से मिले रुपये उसने सराफा क्षेत्र में ही कुछ व्यापारियों को ब्याज पर दे रखे हैं जिनसे रोज ब्याज वसूलता था।

तीन मकान किराए पर
रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया सराफा क्षेत्र से लगातार भिक्षावृत्ति की शिकायत पर मांगीलाल को रेस्क्यू किया। मांगीलाल ने बताया कि उसके शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं। इसमें भगत सिंह नगर में 16 बाय 45 फीट का तीन मंजिला, शिवनगर में 600 स्क्वेयर फीट का पक्का और अलवास में 10 बाय 20 फीट का एक बीएचके मकान है जो किराए पर दे रखे हैं।

ऑटो किराए पर, कार चलाने के लिए ड्राइवर
अलवास का मकान शासन द्वारा रेडक्रास की मदद से विकलांगता के आधार पर दिया गया था। मांगीलाल के पास तीन ऑटो भी हैं, जिनको किराए पर चलवाता है। इसके अलावा मांगीलाल के पास एक डिजायर कार भी है, जिसके लिए ड्राइवर है।

मांगीलाल अलवासा में अपने माता-पिता के साथ रहता है। इसके दो भाई भी हैं, जो अलग रहते है। पूछताछ में बताया सराफा क्षेत्र में कई लोगों को ब्याज पर पैसे दिए हैं। ब्याज लेने सराफा आता है। वह सराफा में एक दिन और एक सप्ताह के ब्याज पर रुपए देता है, जिसका ब्याज रोजाना लेने के लिए सराफा आता है। वह किसी से मांगता नहीं, लोग खुद ही दे देते हैं।

दो साल से चल रहा अभियान: पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने फरवरी 2024 से भिक्षुकमुक्त अभियान शुरू किया था। सर्वे में शहर में करीब 6500 भिक्षुक होने का पता चला था। इनमें से 4500 से ज्यादा की काउंसलिंग कर भिक्षावृत्ति छुड़ाई जा चुकी है। 1600 को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा है। 172 भिक्षुक बच्चों का स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है जबकि 800 का पुनर्वास किया गया है।

भिक्षावृत्ति करने और करवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे...
भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान के तहत सराफा के मांगीलाल का रेस्क्यू किया गया। जिसके पास मकान और गाडी होने के साथ ब्याज पर रुपए देने की पुष्टि हुई है। भिक्षावृत्ति करने और इसे बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - रजनीश सिन्हा, जिला कार्यकम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।

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