टैरिफ कार्ड-बजट में काट: मोदी 3.0 तीसरा बजट; सीतारमण रिकॉर्ड 9वीं बार करेंगी पेश
KHULASA FIRST
संवाददाता

देश का आम बजट आज, सबकी नजरें वित्तमंत्री की घोषणाओं पर
राष्ट्रपति ने वित्तमंत्री का दही-चीनी से कराया मुंह मीठा, कैबिनेट की बैठक हुई, बजट पर लगी मुहर
बजट में विकसित भारत पर फोकस, इस बार बजट की थीम- रिफॉर्म, पीएम बोले- देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर
मिडिल क्लास को सरकार पर खूब भरोसा, कृषि-रक्षा व रेलवे क्षेत्र भी जबरदस्त उम्मीद से
युवा-किसान- महिलाओं पर सरकार का ध्यान, इनकम टैक्स में छूट क्या इस बार भी बढ़ेगी?
रुपए की गिरावट बड़ी चिंता के बावजूद विकास दर की बढ़ोतरी के संकेत से उत्साहित मोदी सरकार
विपक्ष बोला- सरकार से ही उम्मीद नहीं, तो बजट से क्या करें आस, ये सिर्फ 5 फीसदी लोगों के लिए
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
छुट्टी वाले दिन, रविवार को देश का सालभर का ‘खर्चा-पानी' का हिसाब-किताब सामने आ रहा है। ऐसा पहली बार है कि रविवार को देश का ‘हिसाब-किताब' आमजन के सामने रखा जा रहा है। देश की कुल कमाई और इस कमाई को कहां-कहां खर्च करने के खाके का सबके सामने खुलासा होने का काम शुरू हो गया है।
भारत सरकार के ‘मुनीमजी' बस्ते में वर्षभर का लेखा-जोखा लेकर घर से निकल गए हैं। उन्होंने देश की सबसे बड़ी पंचायत में ये लेखा-जोखा 11 बजे के बाद सामने रखना शुरू कर दिया है। कमाई और खर्चे की सालभर की योजनाओं का बखान यूं तो घंटों चलेगा, लेकिन मिनटों में ये साफ हो जाएगा कि देश के किस वर्ग-हिस्से-सेक्टर को सरकार का लाड़-दुलार मिला है और कौन-सा क्षेत्र उपेक्षा का शिकार हुआ है।
अर्थ से जुड़े हर तंत्र व किरदार की हर बार की तरह धड़कनें तेज हैं कि सालभर का लेखा-जोखा कहीं आशाओं पर तुषारापात न हो जाए? बावजूद इसके देश की उम्मीदें भरपूर हैं कि ‘दुनिया के चौधरी' की सालभर चली ‘टैरिफ दादागीरी' के बावजूद भारत के ‘बनिये' न दबेंगे, न झुकेंगे, न पीछे हटेंगे।
जी हां, बात है माघी पूर्णिमा पर आ रहे देश के सालाना आम बजट की। मोदी 3.0 सरकार का ये तीसरा बजट है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इसे पेश कर रही हैं। वे देश की ऐसी पहली वित्तमंत्री हो गई हैं, जो लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं।
ऐसा स्व. मोरारजी देसाई कर चुके थे, लेकिन वे अलग-अलग सरकार के जरिये 9 मर्तबा बजट पेश कर पाए थे। निर्मला सीतारमण पहली वित्तमंत्री हैं, जो एक ही सरकार के दौर में ये रिकॉर्ड बना रही हैं। कांजीवरम् साड़ी पहने वे बजट पेश करने घर से संसद के लिए निकल गई हैं।
संसद भवन जाने से पहले वे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिलने व बजट की एक प्रति पेश करने पहुंची। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति महोदया ने देश की वित्तमंत्री का दही व शक्कर खिलाकर मुंह मीठा करवाया और इस शुभ कार्य का शगुन किया।
सुर्ख लाल टेब में बजट लेकर वित्तमंत्री संसद भवन की सीढ़ियां चढ़कर बजट की मंजूरी के लिए बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग में उपस्थित हुईं।
ये बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में शुरू हो गई है और खबर लिखे जाने तक बजट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। वित्तमंत्री सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट को मोदी सरकार ने ‘रिफॉर्म' थीम पर केंद्रित किया है और इस बजट को विकसित भारत की यात्रा से जोड़ा है।
बजट में सरकार ने कृषि, रक्षा व रेलवे पर फोकस किया है। किसान, युवा व महिलाओं को लेकर वित्तमंत्री के बजट पिटारे में फिर नई सौगातें बताई जा रही हैं। बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की लागू योजना का दायरा भी विस्तार की उम्मीदों से भरा है, जिसमें उम्र का 70 साल से ऊपर का पैमाना घटाया भी जा सकता है। रेलवे के क्षेत्र में 300 से ज्यादा नई ट्रेन-विस्तार से लेकर वंदे भारत व अमृत भारत ट्रेनों की घोषणा भी शामिल है।
रेलवे टिकट की वेटिंग को खत्म करने पर भी जोर दिए जाने के संकेत बजट से मिल रहे हैं। इस सबके बीच टैक्स पर छूट सबकी चिंता का विषय है। सरकार ने बीते बजट में 12 लाख तक की आय को कर से मुक्त कर सबको चौंका दिया था। लिहाजा इस बार इसमें और इजाफा होगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। चूंकि आम चुनाव का साल न होने से इस बार उम्मीद कम है कि सरकार करमुक्त आय के आंकड़े में इजाफा करेगी। आयुष्मान भारत योजना में जरूर सरकार कुछ रियायतें बढ़ाने के संकेत दे रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को लेकर संकेत दिया है कि ये सरकार की वर्तमान की योजनाओं पर केंद्रित होगा। ये बजट रिफॉर्म-परफॉर्म व ट्रांसफॉर्म से जुड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा है कि अब देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है, लेकिन देश के विकास में मानवीय पहलुओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
हम तकनीक के साथ स्पर्धा करेंगे। उसे आत्मसात भी करेंगे। तकनीक के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन इस सबमें मानव केंद्रित व्यवस्था को कम नहीं आंकेंगे। व्यापार को आसान बनाते हुए इस बार का बजट अगले 25 साल के विकसित भारत के लक्ष्य पर फोकस होगा।
उधर, विपक्ष ने बजट से पूर्व ही नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा- सरकार से उम्मीद नहीं, तो बजट से क्या उम्मीद करें? ये बटर बजट है, जो सिर्फ 5 फीसदी लोगों के लिए है। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी की भी रही।
वित्तमंत्री की कांजीवरम् और मधुबनी साड़ी की यादें
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज कांजीवरम् साड़ी पहनकर संसद भवन पहुंची। बीते साल वे मधुबनी साड़ी पहन बजट पेश करने आई थीं। बिहार में चुनाव से मधुबनी साड़ी को जोड़ा गया था। तब वित्तमंत्री ने बिहार के लिए स्पेशल पैकेज के साथ मखाना बोर्ड जैसी इनोवेटिव प्लानिंग की घोषणाओं के साथ सबको चौंका दिया था।
इस बार तमिलनाडु में भी चुनाव हैं। कांजीवरम् साड़ी तमिलनाडु प्रांत का ही प्रतिनिधित्व करती है। वित्तमंत्री बगल के राज्य कर्नाटक से हैं। लिहाजा ये माना जा रहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल, असम सहित उन सभी 5 राज्यों के लिए कुछ नई घोषणा हो सकती है, जहां इस बरस विधानसभा चुनाव होना हैं।
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