साल में सिर्फ ईद पर ही निकलते थे संदिग्ध, हंगामा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । मल्हारगंज थाना क्षेत्र के कमला नेहरू नगर में एसआईआर सर्वे के दौरान हुए खुलासे ने क्षेत्रीय भाजपाइयों के कान खड़े कर दिए। उन्हें ऐसे रेडिमेड कारखाने की खबर मिली, जिसके कर्मचारी स
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मल्हारगंज थाना क्षेत्र के कमला नेहरू नगर में एसआईआर सर्वे के दौरान हुए खुलासे ने क्षेत्रीय भाजपाइयों के कान खड़े कर दिए। उन्हें ऐसे रेडिमेड कारखाने की खबर मिली, जिसके कर्मचारी सिर्फ ईद पर ही बाहर निकलते थे। शंका के चलते मौके पर पहुंचे भाजपाइयों ने जांच की तो कर्मचारियों के ओटीपी से आधार नंबर वैरिफाय नहीं होने पर वे भड़क गए। मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन शाम होते-होते कहानी बदल गई और कर्मचारियों को तो राहत मिल गई, लेकिन कारखाना संचालक उनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने के चलते पुलिस केस में फंस गया।
भाजपा के रानीलक्ष्मी बाई मंडल अध्यक्ष चंदनसिंह बैस के अनुसार खबर मिली थी कि 228-बी कमला नेहरू नगर में खेमचंद्र लिखार के तीन मंजिला मकान की तीसरे माले पर रेडिमेड कारखाना संचालित हैं, जहां के कुछ कर्मचारी संदिग्ध हैं। लंबे समय से रह रहे ये लोग सिर्फ ईद पर ही बाहर निकलते हैं।
इसी आधार पर कार्यकर्ताओं के साथ कारखाने पहुंचे और आधार कार्ड, वोटर आईडी की जांच में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। 17 में से सिर्फ 4 कर्मचारियों के आधार कार्ड ओटीपी से वेरिफाई हो पाए। बाकी के मामलों में या तो मोबाइल नंबर बंद मिले या दस्तावेज अपडेट नहीं थे।
हालांकि पूछताछ में मजदूरों ने खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया और दावा किया कि वे पिछले करीब पांच साल से इसी कारखाने में काम कर रहे हैं।
वैरिफिकेशन के बाद पुलिस ने सभी संदिग्धों को छोड़ दिया
थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह के मुताबिक जांच में सामने आया कि सभी मजदूर नंदीग्राम, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं। उनके पास मौजूद आधार कार्ड भी बंगाल के पते के पाए गए। पुलिस ने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों का वैरिफिकेशन किया।
लंबी पूछताछ के बाद यह साफ हो गया कि कोई भी मजदूर संदिग्ध नहीं है और उनके खिलाफ कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता। इसके बाद सभी को छोड़ दिया गया। हालांकि पुलिस ने लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया।
मजदूरों की सूचना थाने में न देने पर कारखाना संचालक खेमचंद्र पिता गंगाधर लिखार निवासी हेमू शहीद कॉलोनी, के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सराफा बाजार में बाहरी कारीगरों को लेकर विवाद सामने आ चुका है।
कुशवाहा नगर सिलाई कारखाने में मिले संदिग्ध
पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के निर्देश पर कल भाजपा कार्यकर्ता बाणगंगा क्षेत्र के कुशवाहा नगर में चल रहे एक सिलाई कारखाने पर पहुंचे जहां कुछ बाहरी लोग मिले, जो संदिग्ध हैं। उनके पास किसी भी तरह की कोई पहचान या अनुमति नहीं थी। अनुमान है संदिग्ध कारखाने की आड़ में अवांछनीय गतिविधियां संचालित की जा रही थी।
मामला कुशवाहा नगर सेक्टर-ए, गली नंबर 4 का है। यहां संदिग्ध कारखाने होने की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के निर्देश पर मातृशक्ति मंडल की पिंकी गोलू सैनी कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंची। कई बाहरी संदिग्ध लोग मौजूद थे जिनके पास न पहचान-पत्र थे न कोई अनुमति।
पिंकी ने यह जानकारी तत्काल विजयवर्गीय को दी जिन्होंने सारी जानकारी पुलिस और प्रशासन को देने के लिए कहा। इसके बाद सभी कार्यकर्ता बाणगंगा थाने पहुंचे और आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है।
अब तक 10 से 15 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जिसकी सूचना वरिष्ठ नेताओं को दे दी गई है। पुलिस ने मामले को जांच में ले लिया है। इस दौरान वंदना नामदेव, आकाश पटेल, पिंटू यादव, वीरू परिहार आदि थे।
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