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किशोर वाधवानी को ‘सुप्रीम’ झटका: कोर्ट ने हाई कोर्ट की युगल पीठ के आदेश को रखा बरकरार

चुकानी होगी बार-बार याचिका लगाकर न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग पर लगाई दो लाख की कॉस्ट खुलासा फर्स्ट…इंदौर । न्यायालयों को गुमराह करने में माहिर करोड़ों की टैक्स चोरी के आरोपी कथित गुटखा माफिया किशोर

Khulasa First

संवाददाता

03 दिसंबर 2025, 8:21 पूर्वाह्न
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किशोर वाधवानी को ‘सुप्रीम’ झटका

चुकानी होगी बार-बार याचिका लगाकर न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग पर लगाई दो लाख की कॉस्ट

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
न्यायालयों को गुमराह करने में माहिर करोड़ों की टैक्स चोरी के आरोपी कथित गुटखा माफिया किशोर वाधवानी की साजिशें आखिरकार ध्वस्त हो गईं। टैक्स चोरी में पकड़े जाने के बाद कभी हाई कोर्ट, कभी सुप्रीम कोर्ट जाने यानी हर जगह कानूनी चालें चलकर जांच रोकने की कोशिश करने वाले वाधवानी को इस बार बड़ा झटका लगा है। इंदौर हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे किशोर वाधवानी और उसकी कंपनी एलोरा टोबैको को मुंह की खानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी रिवीजन याचिका खारिज कर हाई कोर्ट की दो लाख वाली कॉस्ट को भी जस का तस रखा है।

उल्लेखनीय है डायरेक्टर जनरल जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने मई-जून 2020 में किशोर वाधवानी और उसकी एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड पर कार्रवाई की थी। 151 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी और 76 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी चोरी का नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ वाधवानी सुप्रीम कोर्ट तक गया था, जहां से उसे आंशिक राहत मिली थी। इसके बाद भी वाधवानी ने मई 2025 में इंदौर हाई कोर्ट में नई याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत विभाग की कार्रवाई रोक दी थी, जिससे टैक्स चोरी मामले का अंतिम निर्णय अटक गया था। इसके बाद भी किशोर वाधवानी की ओर से दोबारा याचिका लगाई गई।

 नतीजा ये हुआ कि 15 अक्टूबर को सुनवाई में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के जस्टिस विवेक रूसिया और बिनोद कुमार द्विवेदी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किशोर वाधवानी और उसकी कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में उक्त टैक्स चोरी के मामले में कई बार याचिकाएं लगाईं। वो भी विभाग की जांच और निर्णय प्रक्रिया रोकने के लिए। यानी याचिकाकर्ता द्वारा न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया है। यह कोर्ट का समय बर्बाद करने और विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास है, इसलिए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने किशोर वाधवानी की एलोरा टोबैको कंपनी पर 2 लाख रुपए की कॉस्ट लगाते हुए याचिका निरस्त कर दी थी। हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ किशोर वाधवानी ने सुप्रीम कोर्ट में रिविजन लगाई थी।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक देते हुए जीएसटी विभाग को नोटिस जारी किए थे। विभाग को जवाब देने के लिए 25 नवंबर को सुनवाई तय की थी। इसके बाद 2 दिसंबर की तारीख लगा दी गई। हालांकि कल हुई सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने अक्टूबर माह में लगाई किशोर वाधवानी और उसकी कंपनी एलोरा टोबैको की रिविजन याचिका खारिज कर दी।

सीजीएसटी के लिए टैक्स वसूली का रास्ता खुला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इंदौर हाई कोर्ट द्वारा अक्टूबर में दिए आदेश के चलते किशोर वाधवानी और उसकी कंपनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उक्त फैसले के बाद अब सीजीएसटी 228 करोड़ की वसूली के लिए आजाद हो गई है। अब वसूली की कार्रवाई में तेजी आएगी और कार्रवाई भी सख्त होगी।

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