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कई इलाकों में पथराव, अघोषित कर्फ्यू: 19 आरोपी किए गिरफ्तार; तराना में तीसरे दिन भी तनाव

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 जनवरी 2026, 11:11 पूर्वाह्न
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कई इलाकों में पथराव, अघोषित कर्फ्यू

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
तराना में गुरुवार रात विहिप प्रचारक सोहिल ठाकुर पर हुए हमले के बाद माहौल बिगड़ा हुआ है। शुक्रवार दोपहर उपद्रव के बाद देर रात कुछ लोगों ने लकड़ी की टाल में आग लगा दी। उपद्रवी नकाब पहने थे।

पुलिस ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। तराना में आज तीसरे दिन भी तनाव की स्थिति है। शुक्रवार रात एक बार फिर अराजकता बढ़ गई। साथ ही शहर के स्थानों पर फिर पथराव की सूचना है।

मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा। वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की लगातार कोशिश जारी है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने अघोषित कर्फ्यू लगा रखा है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया।

विहिप नेता पर हुए हमले से उपजा आक्रोश हिंसा में तब्दील हो गया। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच दोपहर 3 बजे के आसपास शरारती तत्वों ने बस स्टैंड के समीप स्थित महेश मार्केट परिसर में खड़ी आनंद बस को निशाना बनाया।

उपद्रवियों ने बस में आग लगा दी, जिससे देखते ही देखते बस आग के गोलों में तब्दील हो गई। इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।

हिंसा की लपटें यहीं नहीं रुकीं, उपद्रवियों का झुंड कपड़ा मार्केट की ओर बढ़ा और वहां जमकर हुड़दंग मचाया। कई मकानों और दुकानों पर पथराव हुआ, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए और काफी नुकसान हुआ।

शांतिपूर्ण रहने वाले इस व्यापारिक क्षेत्र में मचे इस तांडव से व्यापारी वर्ग में भारी रोष और भय है। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद भी छिटपुट घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

पूरे नगर में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है, सड़कें सूनी हैं और बाजार पूरी तरह बंद हैं। आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करने वाला तराना आज अशांति के दौर से जूझ रहा है।

बुलडोजर चलाने की मांग
इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया और दोषियों के घरों को गिराने की मांग की. शुक्रवार सुबह से ही माहौल तनावपूर्ण रहा, जो दोपहर तक अशांति में बदल गया. चश्मदीदों के मुताबिक, नकाबपोश दंगाइयों ने तकिया गली और मालीपुरा जैसे इलाकों में घरों पर पत्थर फेंके, जिससे कई लोग घायल हो गए।

जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा: संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर लोगों को शांति की अपील की जा रही है वहीं सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है।

धारा 144 लागू है. हालात अघोषित कर्फ्यू जैसे दिखाई देते हैं। मार्केट और घरों के दरवाजे बंद हैं, स्थानीय लोग चाहते हैं कि जल्द ही हालात सामान्य हो. उज्जैन के तराना में आज जहां से हिंसा भड़की, नई बाखल इलाका जो मुस्लिम बाहुल्य इलाका है, वहां मस्जिद चौराहे से जुम्मे की नमाज पढ़ने के बाद हिंसा भड़की. सभी घर बंद नजर आए कोई भी कैमरे के सामने आने को तैयार नहीं था.

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- एमपी शांति का टापू : जबलपुर में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन के तराना में तनाव की खबर है और हमारी सरकार सुशासन के लिए जानी जाती है. हम जहां ढिलाई हुई वहां कड़ाई से पेश आते हैं. मध्य प्रदेश शांति का टापू है और यहां शांति भंग करने वालों से कड़ाई से निपटने में सक्षम हैं।

15 बसों को नुकसान: उज्जैन के तराना में हुई घटना के बाद 15 बसों को नुकसान पहुंचा है। एक दर्जन से अधिक कार भी तोड़ी गई हैं। बस स्टैंड पर रोज की तरह जो चहल-पहल रहती है, एकदम सन्नाटा पसरा है।

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