स्पाइक स्ट्रिप: इंदौर पुलिस की बेलगाम वाहनों पर लोहे की लगाम
अमेरिकी मॉडल पर इंदौर में नई व्यवस्था, हाईवे-बायपास से होगी शुरुआत खुलासा फर्स्ट, इंदौर । अंधाधुंध भागती कारों की गति थामने के लिए अब इंदौर पुलिस ‘लोहे की लगाम’ कसने जा रही है। शहर की सड़कों पर लगातार
Khulasa First
संवाददाता

अमेरिकी मॉडल पर इंदौर में नई व्यवस्था, हाईवे-बायपास से होगी शुरुआत
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अंधाधुंध भागती कारों की गति थामने के लिए अब इंदौर पुलिस ‘लोहे की लगाम’ कसने जा रही है। शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ते हादसों, स्ट्रीट रेसिंग और नो-स्टॉप वाहनों के खतरे को देखते हुए पुलिस ने अमेरिकी मॉडल पर नई व्यवस्था के तहत सड़कों पर ‘स्पाइक स्ट्रिप’ के उपयोग की तैयारी कर ली है।
यह वही घातक स्ट्रिप है, जो अनियंत्रित और बेलगाम वाहनों के टायर पलभर में पंक्चर कर गाड़ी को रोक देती है, ताकि सड़क पर मौत बनकर दौड़ने वाले ऐसे वाहन किसी निर्दोष राहगीर को अपनी चपेट में न ले सकें। शुरुआत में ये स्ट्रिप हाईवे-बायपास पर उपयोग की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा फिलहाल स्पाइक स्ट्रिप की चार यूनिट मंगाई गई हैं, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण के बाद फील्ड में उतारा जाएगा। आने वाले दिनों में इनकी संख्या कई गुना बढ़ाई जाएगी। शुरुआती तौर पर इन्हें बायपास, शहर की सीमाओं खंडवा रोड, राऊ सर्कल, सुपर कॉरिडोर व उन पॉइंट्स पर तैनात करने की योजना है, जहां अंधाधुंध गति वाले वाहन अचानक सामने आकर खतरा पैदा करते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले दो साल में हाईस्पीड वाहनों की वजह से दर्जनों गंभीर हादसे हुए हैं। कई मामलों में चालक नशे में थे और कोई भी चेकिंग पॉइंट उन्हें रोक नहीं सका।
इस स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि स्पाइक स्ट्रिप शहर में सड़क सुरक्षा का नया टर्निंग पॉइंट साबित होगी। यह उपकरण पुलिस वाहनों में रखा जाएगा और जरूरत पड़ते ही सड़क पर फैलाकर बेलगाम वाहन की रफ्तार थाम दी जाएगी।
अपराधियों को पकड़ने में होगी आसानी
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया यह तकनीक विशेष रूप से उन घटनाओं से निपटने में प्रभावी मानी जा रही है, जिनमें अपराधी वाहन का इस्तेमाल कर फरार हो जाते हैं या हाईवे पर बेकाबू वाहन राहगीरों के लिए खतरा बनते हैं। अमेरिका और यूरोप की कई एजेंसियों में वर्षों से इस सिस्टम का इस्तेमाल सफलतापूर्वक हो रहा है।
अब इंदौर भी इस हाईटेक सुरक्षा को अपनाएगा। स्पाइक स्ट्रिप किसी भी आकस्मिक और इमरजेंसी स्थिति में बेहद कारगर साबित होगी। अक्सर अपराधी या तेज रफ्तार वाहन चेकिंग पॉइंट तोड़कर भाग जाते हैं, ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत इस स्पाइक स्ट्रिप को सड़क पर फेंक देगी, जिससे पलभर में उक्त वाहन के टायर पंक्चर हो जाएंगे और वाहन व संबंधित अपराधी को पकड़ना आसान होगा।
आने वाले दिनों में स्पाइक स्ट्रिप की संख्या बढ़ाकर लगभग 16 यूनिट की जाएगी, जिन्हें बायपास, ट्रैफिक कॉरिडोर, शहर की सीमाओं, क्राइम-हॉट रूट्स और हाईसपीड जोन में तैनात पुलिस वाहनों में रखा जाएगा। इससे अपराधियों के भाग निकलने की संभावनाएं लगभग खत्म होंगी और शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के आतंक पर काफी हद तक लगाम कसी जा सकेगी।
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