देसी कट्टों से आगे निकले सिकलीगर: स्पेशल टास्क फोर्स के हाथ लगीं फैक्ट्री मेड जैसी पिस्टल; यूपी-हरियाणा तक सप्लाई का खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की बड़ी कार्रवाई के बाद सिकलीगर गिरोह को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अब तक देसी कट्टों के लिए बदनाम रहे सिकलीगरों के पास पहली बार फैक्ट्री-मेड जैसी आधुनिक पिस्टल मिलने से जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। जब्त की गई पांचों पिस्टलों में आधुनिक लॉक सिस्टम और भारी वजन की नली पाई गई है, जो प्रोफेशनल हथियार निर्माण की ओर इशारा कर रही है।
23 जनवरी को एसटीएफ ने खंडवा के पदम नगर क्षेत्र में दबिश देकर सिकलीगर गिरोह के दो कुरियर बॉय पवन जायसवाल (22) और राजू प्रजापति (22) को पांच अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा था। दोनों आरोपी खरगोन जिले के गोराड़िया गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान इनके पीछे-पीछे चल रहा मुख्य आरोपी हैप्पी सिकलीगर निवासी संग्राम मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश अब भी जारी है। एसटीएफ डीएसपी राजेश चौहान के अनुसार खंडवा में पिस्टलों की बड़ी डील की सूचना मिली थी।
दबिश के दौरान जो हथियार मिले हैं वे सामान्य देसी कट्टों से बिल्कुल अलग और उन्नत तकनीक के हैं। इसे लेकर एसटीएफ ने साफ किया कि पिस्टल निर्माण के तरीके और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
यूपी-हरियाणा तक फैला नेटवर्क सोशल मीडिया बना हथियार
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए तस्करों और खरीदारों से संपर्क करते थे और यूपी व हरियाणा में हथियारों की सप्लाई करते थे। जब्त पिस्टलों का वजन, लॉक सिस्टम और फिनिशिंग फैक्ट्री मेड हथियारों जैसी है, जिससे अवैध हथियार बाजार के नए और खतरनाक ट्रेंड की आशंका बढ़ गई है। एसटीएफ का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
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