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पंजाब पर आतंक का साया: जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर आईईडी धमाका; अमृतसर में आर्मी कैंप पर ग्रेनेड हमला

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 मई 2026, 11:20 am
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पंजाब पर आतंक का साया

खुलासा फर्स्ट, जालंधर / अमृतसर।
पंजाब में मंगलवार की रात दो बड़े आतंकी हमलों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। पहले जालंधर में सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय के ठीक सामने एक खड़ी स्कूटी के पास IED विस्फोट हुआ, और कुछ ही घंटों बाद अमृतसर के खासा आर्मी कैंप पर बाइकसवार नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंक दिया। गनीमत रही कि दोनों हमलों में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जालंधर: CM के दौरे से ठीक पहले धमाके से दहला शहर
मंगलवार रात ठीक 7 बजकर 57 मिनट पर जालंधर के पीएपी चौक के पास बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है।

सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के मुताबिक, एक संदिग्ध युवक पीएपी चौक की तरफ से गलत दिशा में पैदल चलता हुआ उस स्थान तक पहुंचा, जहां फुटपाथ पर एक एक्टिवा स्कूटी खड़ी थी। उसने पॉलिथीन में लिपटा एक पैकेट वहां रखा और तुरंत बस अड्डे की ओर दौड़ लगा दी। कुछ ही सेकेंड में धमाका हो गया।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि भागने वाले इस संदिग्ध का एक साथी आगे किसी वाहन में इंतजार कर रहा था। फोरेंसिक टीम को मौके से बम के फटे हुए टुकड़े मिले हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए मोहाली फोरेंसिक लैब भेजा गया है।

जिस एक्टिवा के पास धमाका हुआ, वह BSF के एक पूर्व जवान कश्मीर सिंह की थी। उनका बेटा गुरप्रीत सिंह कूरियर का काम करता है। वह उस रात एक पार्सल देने हेडक्वार्टर के अंदर गया था और स्कूटी बाहर खड़ी कर दी थी। पुलिस ने गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का जालंधर दौरा निकट भविष्य में होना था और उससे ठीक पहले यह वारदात हुई।

खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली जिम्मेदारी, डीआईजी को दी धमकी
जालंधर धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है। पोस्ट में खुलेआम लिखा गया - डीआईजी संदीप गोयल और उनका परिवार टारगेट पर है। इतना खून बहाएंगे कि सब कुछ लाल दिखाई देगा। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

डीआईजी संदीप गोयल अमृतसर के बॉर्डर रेंज में तैनात हैं। मार्च 2026 में उन्होंने गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में हत्याकांड के आरोपी रणजीत सिंह का एनकाउंटर किया था। खालिस्तानी संगठनों ने इस एनकाउंटर को 'फेक' करार दिया था और तब से डीआईजी को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।

अमृतसर: रात 11 बजे आर्मी कैंप पर ग्रेनेड
जालंधर धमाके के कुछ ही घंटों बाद, मंगलवार रात करीब 11 बजे, अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंट के बाहर बाइक पर सवार दो नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंका। SSP सोहेल मीर कासिम के मुताबिक, ग्रेनेड आर्मी कैंप की चारदीवारी से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ।

इस विस्फोट में कैंप की दीवार पर लगा टीन शेड ढह गया और गेट नंबर 6 व 7 के बीच की दीवार को भी आंशिक नुकसान पहुंचा। धमाके की आवाज सुनते ही सेना और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीमों ने नमूने एकत्र किए हैं और पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पांच महीने में पांच धमाके- पंजाब बना निशाना
ये दोनों हमले अकेले नहीं हैं। पिछले पांच महीनों में पंजाब और चंडीगढ़ में पांच बड़े विस्फोट हो चुके हैं। 1 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में भाजपा कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका गया। पुलिस ने ISI समर्थित मॉड्यूल के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। 29-30 मार्च की आधी रात अमृतसर ग्रामीण के भिंडी सैदां थाने पर ग्रेनेड हमला हुआ। जांच में सामने आया कि हमलावरों को सीमा पार से पुलिस थानों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। 27 अप्रैल 2026 को पटियाला के राजपुरा-शंभू रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट करने की कोशिश नाकाम हुई। बम लगाते वक्त एक हमलावर खुद मारा गया। ISI समर्थित मॉड्यूल के चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। और अब 5 मई की रात — एक ही रात में जालंधर और अमृतसर, दो अलग-अलग हमले।

NIA मैदान में, जांच तेज
दोनों हमलों की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा चुकी है। टीमें मौके पर पहुंच रही हैं। जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर का पूरा इलाका सील कर दिया गया है।पांच महीनों में पांच हमले और हर बार निशाना सुरक्षाबल, पुलिस थाने या सत्तारूढ़ दल का कार्यालय। यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति की ओर इशारा करता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक पंजाब की धरती पर ये खेल चलता रहेगा?

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