पति की हत्या की आरोपी पत्नी की जमानत पर सवाल: मेघालय सरकार पहुंची हाईकोर्ट: अगली सुनवाई अब इस दिन होगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर/ शिलांग।
पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत का मामला अब मेघालय हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने निचली अदालत के बेल ऑर्डर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
सरकार का तर्क - फैसला अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज करता है
मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट में अपनी दलील में कहा कि ईस्ट खासी हिल्स सेशंस कोर्ट ने जमानत देते समय अपराध की गंभीरता और न्याय पर इसके संभावित प्रभाव पर ठीक से विचार नहीं किया। सरकार का कहना है कि आरोप बेहद संगीन हैं और इस मामले में सख्त न्यायिक जांच की जरूरत है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि सोनम को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और इससे संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पहले ही जमा किए जा चुके हैं।
कैसे मिली थी जमानत - तकनीकी खामियों का सहारा
27 अप्रैल को शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने करीब एक साल बाद सोनम को जमानत दे दी थी। लेकिन यह जमानत मामले के गुण-दोष पर नहीं, बल्कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में रही तकनीकी खामियों के आधार पर दी गई।
कोर्ट ने पाया कि सोनम को दिए गए गिरफ्तारी के आधार की जानकारी दस्तावेज में चेकबॉक्स अनटिक थे। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गलत दंड प्रावधान का उल्लेख किया गया था। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि किसी भी दस्तावेज में सोनम को यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उन्हें BNS की धारा 103(1) यानी हत्या के अधिक गंभीर प्रावधान के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है।
कोर्ट ने पुलिस की इस सफाई को भी खारिज कर दिया कि यह महज एक लिपिकीय त्रुटि थी। साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि 9 जून 2025 को जब सोनम को पहली बार गाजीपुर की अदालत में पेश किया गया था, तब उनके पास कोई कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं था।
परिवार में आक्रोश- मां बोलीं, यह न्याय के साथ खिलवाड़
सोनम के जेल से बाहर आते ही मृतक राजा रघुवंशी के परिजनों में गहरा दुख और आक्रोश फूट पड़ा। राजा की मां उमा रघुवंशी ने इसे न्याय के साथ सरासर खिलवाड़ बताया और मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की। परिवार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि साजिश के मुख्य किरदार ही बाहर आ जाएंगे, तो गवाहों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और पूरे मुकदमे की दिशा प्रभावित हो सकती है।
अब राज की जमानत पर टिकी नजरें
सोनम की रिहाई के बाद अब इस केस का अगला निर्णायक मोड़ सह-आरोपी राज की जमानत अर्जी पर आने वाला फैसला होगा। यदि राज को भी जमानत मिलती है, तो राजा के परिजन हाईकोर्ट में अपील करने की पूरी तैयारी में हैं। फिलहाल शिलांग कोर्ट के सुरक्षित रखे गए आदेश और 12 मई की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। हाईकोर्ट का फैसला तय करेगा कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में न्याय की राह आगे किस दिशा में जाती है।
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