सीनियर सिटीजन से ठगी: डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 52 लाख रुपए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
राजधानी में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने इस बार भी सीनियर सिटीजन को निशाना बनाते हुए 74 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 52 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने खुद को एटीएस और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर चार दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और बड़ी रकम हड़प ली।
आतंकी फंडिंग का डर दिखाकर की ठगी
साकेत नगर निवासी राजेंद्र सिंह (74) को ठगों ने फोन कर बताया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल पुलवामा आतंकी हमले की फंडिंग में किया गया है। इस झूठे आरोप से डराकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में होने का दावा किया गया। ठगों ने खुद को ATS और क्राइम ब्रांच से जुड़ा अधिकारी बताते हुए भरोसा जीत लिया।
व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर दी धमकियां
ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया जाएगा। बुजुर्ग दंपति को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाकर लगातार मानसिक प्रताड़ना दी गई। इसी दबाव में आकर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी तेजी से बढ़ रही है, खासकर सीनियर सिटीजन इसके आसान शिकार बन रहे हैं। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी सरकारी एजेंसी इस तरह फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
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