खबर
टॉप न्यूज

सराफा चौपाटी में सुरक्षा को खतरा दुकान आवंटन में गड़बड़ी: इंदौर की धरोहर सराफा चौपाटी के साथ खिलवाड़; चौपाटी को गांधी हॉल में शिफ्ट किया जाए

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर की ख्यात सराफा चौपाटी बारूद के ढेर पर है। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके चलते चौपाटी को गांधी हॉल में शिफ्ट कर देना चाहिए। इससे चौपाटी भी बनी रहेगी और सुरक्षा भ

Khulasa First

संवाददाता

30 नवंबर 2025, 7:06 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
सराफा चौपाटी में सुरक्षा को खतरा दुकान आवंटन में गड़बड़ी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर की ख्यात सराफा चौपाटी बारूद के ढेर पर है। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके चलते चौपाटी को गांधी हॉल में शिफ्ट कर देना चाहिए। इससे चौपाटी भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी मजबूत होगी, लेकिन महापौर इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं।

इसके चलते ही निगम ने सराफा चौपाटी में पहले 40 दुकानों को अनुमति देने की बात कही, फिर दुकानों की संख्या बढ़ा दी गई। निगम की ओर से बार-बार दुकानों की संख्या में हेरफेर किया जा रहा है। जबकि सराफा चौपाटी में केवल मिठाई की दुकान लगाने की अनुमति दी जाना चाहिए।

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव नासमझी की वजह से निगम ने सराफा चौपाटी को मजाक बना दिया है। सराफा चौपाटी की आग से सुरक्षा के मामले में जांच कराई उसमें भी खुलासा हुआ था कि चौपाटी से सुरक्षा को खतरा है।

इसके बाद भी चौपाटी गांधी हॉल में शिफ्ट करने की जगह दुकानें कम करने की बात कही जा रही है। निगम ने पहले 40 दुकानें रखने की बात कही बाद में संख्या बढ़ा दी गई। इस तरह सराफा चौपाटी के नाम पर मिलीभगत का खेल खेला जा रहा है।

चौकसे ने कहा कि पुरानी सराफा चौपाटी में जो दुकानें लगती हैं वह दुकानदार घर से मिठाई व अन्य सामान बनाकर यहां बेचते थे, लेकिन मौजूदा में यहां घरेलू गैस सिलेंडर का बहुतायत में उपयोग हो रहा है। इससे सराफा चौपाटी बारूद के ढेर पर बैठी है।

कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा है। इसके चलते सराफा चौपाटी को गांधी हॉल में शिफ्ट करने से इंदौर की धरोहर भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी होगी, लेकिन महापौर इस बारे में विचार ही नहीं कर रहे हैं।

दुकानदारों की सूची पर भी आपत्ति... चिंटू चौकसे ने निगम द्वारा बनाई गई दुकानदारों की सूची पर भी आपत्ति जताई गई। उन्होंने कहा कि लिस्ट में 37 नंबर पर आदेश पराठा सेंटर है, जो बीजेपी के पूर्व नगराध्यक्ष कैलाश शर्मा के भाई प्रेमप्रकाश शर्मा की दुकान है। एक ही परिवार में दो दुकान आवंटित की गई।

इसमें लिस्ट नंबर 26 पर प्रकाश कुल्फी जो बंटी यादव की व 31 नंबर पर प्रकाश कुल्फी फालूदा है, जो उन्हीं के परिवार के प्रकाश यादव की है। लिस्ट में 23, 28, 33, 41, 42, 43, 60, 62 व 69 नंबर पर जो दुकान है वह फास्ट फूड, पान, चाइनीज, आइस गोला, कोकोनट क्रश बेचने वालों की हैं। इसी तरह लिस्ट में 27 नंबर की दुकान नेमा कुल्फी है, जिनकी पहले ही पक्की दुकान है, फिर स्टॉल लगाने की मंजूरी कैसे दी गई।

निगम बार-बार दुकानों की संख्या में कर रहा हेरफेर
चौकसे ने कहा कि नगर निगम बार-बार दुकानों की संख्या में हेरफेर कर रहा है। सराफा चौपाटी में केवल मिठाई की दुकान लगाने की अनुमति दी जाना चाहिए, बाकी दुकानों को हटा दिया जाना चाहिए। निगम ने पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक की दुकानों को अनुमति दी है, जो कि न तो मालवा का व्यंजन है और न ही कभी इनकी दुकान सराफा में लगती रही है।

ऐसी सभी दुकानों की अनुमति निरस्त की जाना चाहिए। इन दुकानों पर लगने वाले गैस के चूल्हे के कारण सराफा बाजार बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है।

लिस्ट में 69 नाम... सराफा चौपाटी को लेकर कई नेताओं ने अपनी बात प्रमुखता से रखी है। इसके चलते ही मौजूदा में सराफा चौपाटी के दुकानदारों की लिस्ट में अभी 69 नाम हैं। इसे लेकर बवाल हो रहा है। हालांकि महापौर कह रहे हैं कि लिस्ट की स्कूटनी होगी।

यदि गलत नाम हैं तो हटेंगे और जो सही छूट गए हैं उन्हें जोड़ेंगे। बाकी जो बाहर हुए हैं उन्हें भी कोई विकल्प दिया जाएगा। दूसरी तरफ निगम अधिकारियों का कहना है कि हमारी चिंता सुरक्षा व्यवस्था है।

इसमें किसके नाम है या नहीं, यह एसोसिएशन ही तय कर रही है। इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है। क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ ने कहा है कि चाइनीज, मोमोज के स्टॉल नहीं होना चाहिए।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!