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वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सा नवाचार की दिशा तय करते हैं: मंगू भाई पटेल

एनएसआईकॉन-2025: दूसरे दिन विशेषज्ञों का प्रशिक्षण और वरिष्ठ प्रोफेसरों का सम्मान खुलासा फर्स्ट, इंदौर । 73वीं एनुअल कॉन्फ्रेंस एनएसआईकॉन-2025 के दूसरे दिन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर स्कीम 78 में आयोजित

Khulasa First

संवाददाता

12 दिसंबर 2025, 12:34 अपराह्न
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वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सा नवाचार की दिशा तय करते हैं

एनएसआईकॉन-2025: दूसरे दिन विशेषज्ञों का प्रशिक्षण और वरिष्ठ प्रोफेसरों का सम्मान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
73वीं एनुअल कॉन्फ्रेंस एनएसआईकॉन-2025 के दूसरे दिन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर स्कीम 78 में आयोजित मुख्य सम्मेलन ने एक ऐतिहासिक रूप लिया। देश-विदेश से आए 1600 से अधिक डेलीगेट्स की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष अतिथि थे।

राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री के हाथों एनएसआईकॉन के नए लोगो का अनावरण किया गया, जो न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में आधुनिक सोच, नवाचार और मानवीय संवेदना का प्रतीक है।

उद्‌घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण वरिष्ठ विशेषज्ञों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान करना रहा। न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान को सम्मानित करते हुए यह अवॉर्ड प्रो. सुरेश्वर मोहंती, प्रो. वीके खोसला, प्रो. के. राजेशेखरण नायर, प्रो. रवि भाटिया और प्रो. एके सिंह को दिया गया।

राज्यपाल ने अपने वक्तव्य में कहा एनएसआईकॉन जैसे वैज्ञानिक सम्मेलन केवल ज्ञान साझा करने का मंच नहीं होते, बल्कि चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्टता और नवाचार को आगे बढ़ाने का मार्ग भी बनाते हैं। जब देश-विदेश के विशेषज्ञ एक साथ आते हैं, तो शोध, तकनीक और अनुभवों का जो आदान-प्रदान होता है, उसका सीधा लाभ समाज और मरीजों को मिलता है। इंदौर में ऐसे प्रतिष्ठित आयोजन का होना मध्यप्रदेश की चिकित्सा क्षमता और बढ़ते प्रगति-पथ का प्रतीक है।

वहीं कैबिनेट मंत्री ने अपने संबोधन में कहा भगवान के बाद अगर लोग सबसे ज़्यादा भरोसा किसी पर करते हैं, तो वे डॉक्टर हैं। हमारे डॉक्टर 24×7 सेवा देने के लिए तैयार रहते हैं; उनके लिए यह व्यवसाय नहीं, बल्कि समर्पण और सेवा का धर्म है। चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आज हमारे लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि एमपी के मेडिकल हब इंदौर में इतना बड़ा और प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जरी सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी तथा उपचार और भी आधुनिक व सुलभ बनेगा।

रोबोटिक चिकित्सा तकनीक पर हुई चर्चा
विशेषज्ञों ने दिनभर रोबोटिक्स, एआर/वीआर आधारित सर्जिकल सिमुलेशन, न्यूरो-नेविगेशन, एंडोस्कोपी और एडवांस्ड डायग्नॉस्टिक तकनीकों पर चर्चा की, जिनसे भविष्य में उपचार और भी तेज, सुरक्षित और सटीक हो सकेगा। दोपहर के सत्रों में स्ट्रोक के इलाज, एंडोवैस्कुलर प्रक्रियाओं की नई प्रगति और ब्रेन सर्जरी के दौरान उपयोग होने वाली नवीनतम इमेजिंग तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक और नवीन शोध की मदद से न्यूरोलॉजिकल रोगों का उपचार पहले से अधिक प्रभावी और सुरक्षित बन रहा है। इस प्रकार के वैज्ञानिक सम्मेलनों से डॉक्टरों को दुनियाभर में विकसित हो रही नई उपचार विधियों की जानकारी मिलती है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलता है।

न्यूरोसाइंस क्षेत्र में नवाचार है एनएसआईकॉन
कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले ने स्वागत भाषण में कहा आप सभी का इस ऐतिहासिक सम्मेलन में स्वागत करना सौभाग्य की बात है। एनएसआईकॉन-2025 हमारे लिए केवल एक वैज्ञानिक आयोजन नहीं, बल्कि न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और सीख को एक ही मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

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