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खजराना मंदिर में नियम ध्वस्त: गैंगस्टर ने गर्भगृृह में की पूजा सिस्टम खामोश; अब कद्दावर मंत्री के जरिये खुद को बचाने की कोशिश

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 8:22 पूर्वाह्न
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खजराना मंदिर में नियम ध्वस्त

अब कद्दावर मंत्री के नाम के जरिये मामला दबाने की कोशिश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र खजराना गणेश मंदिर अचानक सियासत और सनसनी का अखाड़ा बन गया है। वजह रही शहर के कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ की गर्भगृह में एंट्री। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने ऐसा तूफान ला दिया कि सिक्योरिटी एजेंसी पर पेनल्टी लगाने के साथ ही कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी। वहीं सत्ता के गलियारों में फुसफुसाहट है कि आखिर भाऊ के सिर पर किसका हाथ है?

चर्चा गर्म है कि शहर के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नाम का असर दिखाकर पूरे मामले को शांत कराने और कार्रवाई को सीमित रखने की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन जनता खुलकर सवाल पूछ रही है कि क्या नियम सिर्फ आम श्रद्धालुओं के लिए हैं?

क्या रसूखदारों के लिए मंदिर के दरवाजे अलग से खुलते हैं? मंदिर में आस्था बड़ी है या प्रभाव? गैंगस्टर सतीश भाऊ 19 फरवरी को होने वाले अपने एक कार्यक्रम का पहला निमंत्रण देने 11 फरवरी को सपत्नीक खजराना गणेश मंदिर पहुंचा था। उसके साथ कुछ गुर्गे भी थे।

इस दौरान वह प्रतिबंधित के बावजूद गर्भगृह तक जा पहुंचा, जहां मंदिर के पंडित उससे विशेष पूजा कराते नजर आए। आरोप है कि यदि कोई सामान्य श्रद्धालु ऐसा करने की कोशिश करता तो सुरक्षाकर्मी तुरंत बाहर कर देते, लेकिन यहां कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते सारे नियम ताक में रख दिए गए।

अब आगे क्या?
कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कहा है कि गर्भगृह में प्रवेश करने वालों पर एफआईआर के लिए पुलिस कमिश्नर से चर्चा की जाएगी। उज्जैन के कुछ मामलों के उदाहरण सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

इस सवाल का जवाब कौन देगा?
आस्था के केंद्र खजराना मंदिर के गर्भगृह में गैंगस्टर की एंट्री ने सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि सिस्टम की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आम श्रद्धालु के लिए नियम सख्त हैं, तो रसूखदारों के लिए क्यों नहीं?

कलेक्टर का एक्शन, सुरक्षा गार्ड बर्खास्त, एफआईआर और पुजारियों को चेतावनी
शहर के ख्यात खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश के मामले में कलेक्टर एवं अध्यक्ष मंदिर प्रबंध समिति शिवम वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सीसीटीवी कैमरों की जांच और खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में तैनात सुरक्षा गार्ड ज्योति वरुण से लिखित प्रतिवेदन लिया गया।

इसमें सुरक्षा गार्ड ने लिखित में जबाब प्रस्तुत किया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने दो व्यक्तियों को गर्भगृह में दबाव बनाकर अनाधिकृत रूप से प्रवेश कराया। इसके बाद कलेक्टर ने माना कि मंदिर की गरिमा एवं प्रबंध समिति के निर्णयों के पालन में लापरवाही बरती गई है।

इससे नाराज कलेक्टर ने स्थानीय निवासी आकाश रावत द्वारा बिना अनुमति गर्भगृह में प्रवेश दिलाने एवं ड्यूटी पर तैनात गार्ड पर दबाव बनाने के कारण उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को तत्काल मंदिर सेवा से बर्खास्त करने, पूजन-पाठ हेतु भट्ट परिवार के पुजारियों को चेतावनी दी कि दोबारा इस तरह घटना नहीं हो इसके अलावा सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना किया है।

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