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पीथमपुर के संजय जलाशय पर रेत माफियाओं का कब्जा: रात को हो रही थी खुदाई; खनिज विभाग ने पकड़े पांच डंपर और दो पोकलेन

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 मई 2026, 6:04 pm
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पीथमपुर के संजय जलाशय पर रेत माफियाओं का कब्जा

खुलासा फर्स्ट, धार।
औद्योगिक नगरी पीथमपुर का एकमात्र जलस्रोत संजय जलाशय वर्षों से रेत माफियाओं की नजर में था और अब खुलासा हुआ है कि इसे योजनाबद्ध तरीके से लगातार छलनी किया जा रहा था।

सोमवार सुबह 6 बजे खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यहां चल रहे अवैध उत्खनन पर छापा मारकर 5 डंपर और 2 पोकलेन मशीन जब्त की हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह अवैध खनन कोई नई बात नहीं है।

8 से 10 वर्षों से एक संगठित गिरोह संजय जलाशय क्षेत्र में सक्रिय था। रात में पोकलेन से खुदाई कर मिट्टी और रेत निकाली जाती थी और शहरों तक सप्लाई की जाती थी। माफिया जलाशय से रेत निकालकर उसका स्टॉक तैयार करते थे और बाद में ऊंचे दामों में बेचते थे, जिससे लाखों रुपये का अवैध कारोबार चल रहा था।

कार्रवाई के दौरान जसीम मेहर एक डंपर और एक मशीन), शकील मेहर दो पोकलेन मशीन), रियाज सेठ (रेती वाला) दो डंपर मुस्लिम भाई) के बताए जा रहे है। इन सभी पर लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।

रॉयल्टी के नाम पर बड़ा खेल
जांच में सामने आया एक ही रॉयल्टी पचीं पर कई ट्रैक्टर-डंपरों से परिवहन किया जा रहा था। कई बार बिना ) रॉयल्टी के ही रेत और मिट्टी का परिवहन होता था। रात को ट्रक और डंपर लगातार निकलते थे।

अवैध खनन में विभागीय मिलीभगत के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है लंबे समय से खुलेआम चल रहे अवैध खनन में कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत भी रही है। कई शिकायतें की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, जिससे माफियाओं के हौसले बढ़ते गए।

खनिज अधिकारी संतोष पिपलौदिया ने बताया कि सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी और अवैध उत्खनन करते हुए मशीनें और डंपर जब्त किए हैं। जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खनन से जलाशय के अस्तित्व पर खतरा
जलाशय पीथमपुर का प्रमुख जलस्रोत है। लगातार खुदाई से संरचना कमजोर होने से भविष्य में जल संकट हो सकता है। लोगों का कहना है खनन चलता रहा, तो जलाशय का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।

पहली बार नहीं है जब कार्रवाई हुई हो। पहले छुटपुट कार्रवाई होती थी, जिससे कुछ समय बाद फिर खनन शुरू हो जाता था।

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