केंद्र के समान न्यूनतम मजदूरी का नियम लागू करने की तैयारी: श्रम विभाग ने जारी किया राजपत्र; सुझावों के बाद नए लेबर कोड के तहत होगा निर्धारण
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश में दैनिक वेतन भोगी मजदूरों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की दिशा में राज्य शासन ने कदम बढ़ाया है। श्रम विभाग द्वारा जारी राजपत्र में न्यूनतम मजदूरी को नए चार लेबर कोड के अंतर्गत निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारी संगठनों के लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के बाद जारी इस मसौदे को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि सुझाव और आपत्तियां प्राप्त होने के पश्चात न्यूनतम मजदूरी का अंतिम निर्धारण किया जाएगा, जिससे प्रदेश के लाखों दैनिक वेतन भोगी मजदूरों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
45 दिन तक मांगे सुझाव और आपत्तियां- श्रम विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में बताया गया है कि मजदूरी संहिता 2019 के अंतर्गत नए नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है।
इसके तहत पुराने न्यूनतम वेतन नियम 1958 और मजदूरी भुगतान नियम 1962 को प्रतिस्थापित किया जाएगा। राज्य शासन ने मसौदा नियमों पर आमजन, कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों से 45 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।
श्रम आयुक्त कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांग पत्र- इसी मुद्दे को लेकर श्रम आयुक्त कार्यालय में मध्यप्रदेश कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी, प्रदेश सचिव हरेंद्र सिंह ठाकुर, इंदौर नगर निगम मास्टर संगठन संयोजक प्रवीण तिवारी एवं कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने अपर श्रम आयुक्त से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि लेबर एक्ट के अंतर्गत सभी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी और श्रमिक हितों से जुड़े लाभ जल्द से जल्द दिए जाएं।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ- कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि नए लेबर कोड के तहत केंद्र के समान न्यूनतम मजदूरी का नियम लागू होता है तो प्रदेश के लाखों दैनिक वेतनभोगी मजदूरों, संविदा कर्मियों और श्रमिक वर्ग को आर्थिक मजबूती मिलेगी। इससे मजदूरों के वेतन ढांचे में सुधार के साथ सामाजिक सुरक्षा के दायरे का भी विस्तार होगा।
‘सभी को मिलेगा समान न्याय’
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार श्रम आयुक्त एवं अपर श्रम आयुक्त ने आश्वस्त किया कि श्रम विभाग सभी कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और ‘न्याय सभी के लिए समान’ की भावना के साथ कार्य किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में मौखिक निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
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