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वर्दी में लूट: एसबीआई के एटीएम से युवक को उठाया; 7 लाख रुपए और 4000 यूएसडीटी वसूलने का मामला

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 फ़रवरी 2026, 7:05 पूर्वाह्न
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वर्दी में लूट

एटीएम से उठाकर सुनसान जगह ले गए थे पुलिसकर्मी

शिकायत के बाद भी थाने में FIR दर्ज करने में आनाकानी

टीआई पर दबाव बनाने और समझौते की कोशिश के गंभीर आरोप

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। खजराना क्षेत्र में एक युवक को पुलिस वर्दी पहने दो लोगों द्वारा एटीएम से उठाकर नकदी और डिजिटल करंसी लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि वर्दीधारी दो व्यक्तियों ने उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर बैग में रखे 7 लाख रुपए और बाइनेंस वॉलेट में मौजूद 4000 यूएसडीटी जबरन दूसरे एड्रेस पर ट्रांसफर करवा लिए।

इतना ही नहीं, शिकायत के बाद थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराने में टालमटोल और दबाव बनाने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक अब्दुल फहद निवासी उज्जैन हाल पता इंदौर 7 फरवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे खजराना ब्रांच एसबीआई के एटीएम पर था।

इसी दौरान दो व्यक्ति, जिन्होंने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और अपना नाम मनोज व अविनाश बताया, उसे पूछताछ के नाम पर अपने साथ सुनसान इलाके में ले जाकर डराया-धमकाया और बैग में रखे 7 लाख रुपए छीन लिए। इसके बाद उससे मोबाइल लेकर उसके बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट से 4000 यूएसडीटी किसी अन्य एड्रेस पर ट्रांसफर करवा लिए।

रकम ट्रांसफर होने के बाद उसे धमकी देकर छोड़ दिया गया। घटना से घबराए पीड़ित ने तुरंत अपने वकील से संपर्क किया। वकील की सलाह पर उसने 1930 और 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। डायल-112 रिपोर्ट क्रमांक 26020181758 भी दर्ज हुई, जिस पर पुलिस मोबाइल IND-30 द्वारा कार्रवाई की बात बताई गई।

थाने में बयान, फिर शुरू हुआ दबाव
अगले दिन 8 फरवरी को थाना पलासिया से फोन आया और बयान दर्ज कराने बुलाया। उसने थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह रघुवंशी और अन्य को पूरी घटना बताई। इस दौरान वहां चार लोगों को बैठाकर रखा गया था, जिनमें दो पुलिस कांस्टेबल मनोज और अविनाश थे।

वरिष्ठ अधिकारियों के जाने के बाद माहौल बदल गया। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह रघुवंशी ने कथित रूप से सिर्फ दो अन्य व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कराने का दबाव पीड़ित पर बनाया और वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के नाम हटाने की बात कही। जब उसने गलत एफआईआर पर हस्ताक्षर करने से मना किया तो थाना प्रभारी रघुवंशी और मौजूद स्टाफ ने उसे डराया-धमकाया।

तुझे देख लेंगे, कहीं भी फंसा देंगे जैसे शब्द पीड़ित को कहे गए। यहां तक कि राजीनामा करने का भी दबाव बनाया गया। पीड़ित ने कहा कि पुलिस यह लिखने को तैयार नहीं थी कि आरोपी पुलिस की ड्रेस में थे। उसे आश्वासन दिया गया कि बाद में जोड़ देंगे, लेकिन तत्काल रिपोर्ट में यह तथ्य दर्ज नहीं किया गया।

कमिश्नर से मिलने की बात कहकर लौटा
आखिरकार आवेदक ने टीआई सुरेंद्र सिंह रघुवंशी को साफ कहा कि वह सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से शिकायत करेगा। इसके बाद वह बिना रिपोर्ट दर्ज कराए थाने से लौट आया। पीड़ित अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने के लिए आज अपने वकील के साथ पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से मुलाकात करेगा।

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