जिम्मेदार अफसर बने अंधे-गूंगे-बहरे: जीएसटी विभाग की नाक के नीचे टैक्स लूट का साम्राज्य
KHULASA FIRST
संवाददाता

अफसरों की शह पर विभाग के गार्ड चला रहे फर्जी बिल्टी का रैकेट
करोड़ों की टैक्स चोरी, कच्चे माल की खुली आवाजाही और
संजू बंजारिया 83051-16137 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अगर कोई यह कहे कि टैक्स चोरी माफिया सरकारी दफ्तरों से ही ऑपरेट हो रहे हैं, तो शायद यकीन न हो। लेकिन इंदौर में जीएसटी विभाग की नाक के नीचे वही हो रहा है। जिस विभाग को टैक्स चोरी रोकनी चाहिए, उसी के गार्ड अफसरों की शह पर करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी का खेल चला रहे हैं। रिटायर्ड अफसर से लेकर फील्ड और मुख्यालय में बैठे अधिकारियों तक के इस काले कारोबार में शामिल होने का सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है।
खुलासा फर्स्ट को जानकारी मिली है कि खुद को जीएसटी विभाग का गार्ड बताने वाले विवेक सिलावट और राजेंद्र यादव उर्फ लल्लू अफसरों के साथ मिलकर इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे हैं। तंबाकू, तेल, परचून और मूंगफली जैसा माल बिना ई-वे बिल के राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र तक खुलेआम भेजा जा रहा है।
आउट-टू-आउट सिस्टम पर चल रहे इस खेल में सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का सीधा नुकसान हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि सर्कल-3 में बैठे एक अधिकारी और एक रिटायर्ड अफसर के संरक्षण में इन गार्डों ने ट्रांसपोर्टरों से गारंटी पर काम उठा रखा है।
कच्चे बिलों पर माल एक से दूसरे राज्य भेजा जाता है। टैक्स चोरी को वैध दिखाने के लिए आईटीआर, यूटीआर, रायपुर, ऊंजा और ऊंजा कार्गो जैसे नामों से फर्जी बिल्टियां बनवा रखी हैं, जो ट्रक चालकों को थमा दी जाती हैं। विभागीय टीम की जांच के दौरान यदि कोई सेल टैक्स अधिकारी रास्ते में वाहन रोक लेता है, तो यही बिल्टी दिखाकर गाड़ी तुरंत छुड़ा ली जाती है।
सूत्रों का दावा है कि इन फर्जी बिल्टियों के बदले अफसरों द्वारा माफियाओं से मोटी रकम वसूली जाती है। यही वजह है कि कच्चे माल से भरी गाड़ियां बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रही हैं।
चेतक चेंबर में संभागीय अधिकारियों और टीमों के साथ तैनात रहे मामूली गार्ड विवेक सिलावट और राजेंद्र यादव उर्फ लल्लू अब खुद टैक्स चोरी के सरगना बन चुके हैं। विवेक ने हाल ही क्रेटा सहित दो नई कारें खरीदी हैं।
इनमें से एक कार अफीम गोदाम परिसर में खड़ी रहती है, जिसमें फर्जी बिल्टियां और टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज भरे रहते हैं। यहीं से पूरे नेटवर्क का लेन-देन भी संचालित किया जाता है।
मेरा काम नहीं, मैं गार्ड भी नहीं
इधर, खुलासा फर्स्ट टीम ने गार्ड विवेक सिलावट से पक्ष जाना तो उसने कहा, अपना कुछ काम नहीं, मैं गार्ड भी नहीं हूं। मेरा श्रीराम रोडलाइन का काम है।
लल्लू संभालता है लोकल टैक्स चोरी की कमान
खुलासा फर्स्ट को मिली जानकारी के मुताबिक विवेक सिलावट का पार्टनर राजेंद्र यादव उर्फ लल्लू इंदौर से खंडवा, बड़वाह, नेमावर, खरगोन, मानपुर, धार, खलघाट सहित अन्य जिलों में लोकल परचून का माल गारंटी पर भेजता है। पान मसाला, कॉपर और चद्दर शीट जैसी अधिक टैक्स वाली वस्तुओं का आयात-निर्यात कच्चे बिलों पर किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह कि अफसरों के संरक्षण के चलते यह टैक्स माफिया खुलेआम कहता है- ‘जिससे जो बन पड़े कर ले।’ उनका दावा है कि वे वर्षों से अधिकारियों के साथ मिलकर यह खेल खेल रहे हैं और आगे भी बेखौफ जारी रखेंगे। एचओ में बैठे अधिकारी इनके पकड़े गए वाहनों को छुड़वाने तक की जिम्मेदारी निभाते हैं। हालांकि पूरे खेल की जानकारी नवागत कमिश्नर तक पहुंच चुकी है।
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