नर्मदा लाइन पर ड्रेनेज बिछाने से डरे रहवासी, विरोध पर पुलिस कार्रवाई: भाजपा के राज्य में समस्या बताना अपराध
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्या सत्ता के खिलाफ सवाल उठाना अब अपराध की श्रेणी में आ गया है? विधानसभा क्षेत्र-1 के अंतर्गत वार्ड 6 की करीब एक दर्जन कॉलोनियों में नर्मदा जल और ड्रेनेज लाइन की खतरनाक मिक्सिंग ने रहवासियों की नींद उड़ा दी है। इंदिरा नगर, सालवी मोहल्ला, राम नगर सहित आसपास की कॉलोनियों में चल रहे अनियोजित निर्माण से लोगों को भगीरथपुरा जैसी जल त्रासदी का डर सता रहा है।
रिसाव का गंभीर खतरा
रहवासियों के अनुसार नर्मदा जल लाइन बिछाने के लिए करीब तीन फीट गहरी नालियां खोदी गईं। इसके बाद उसी लाइन के ठीक ऊपर ड्रेनेज पाइप डाल दिए गए। पाइप जोड़ने की प्रक्रिया भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। आशंका है गंदा पानी नर्मदा लाइन में मिल सकता है या बोरिंग के जरिए घरों तक भी पहुंच सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है उन्होंने इस गंभीर स्थिति की जानकारी वार्ड पार्षद संध्या यादव को दी। उन्होंने सामान्य बताकर टाल दिया। जोन कार्यालय से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला। लगातार अनदेखी के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता गया। रविवार दोपहर सोशल मीडिया पर लापरवाही का खुलासा हुआ तो पार्षद संध्या यादव और जोनल अधिकारी पल्लवी पाल मौके पर पहुंचीं।
इस दौरान महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सड़कों पर बहते ड्रेनेज, गंदगी, कचरा और नलों में गंदा पानी आने की शिकायतें की। कहना था भागीरथपुरा जलकांड के बाद ही जनप्रतिनिधियों की आंखें खुली हैं, जबकि तीन वर्ष कोई सुध नहीं ली गई।
समाधान की जगह विरोध करने वालों पर केस
सोमवार को पार्षद संध्या यादव ने एक समर्थक के माध्यम से मल्हारगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई व कुछ लोगों पर अपशब्द कहने और रास्ता रोकने के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने वीडियो से लोगों की पहचान कर उन्हें थाने लाने की कार्रवाई शुरू की।
एक रहवासी ने बताया पार्षद क्षेत्र में हाल-चाल पूछने आई थीं। लोगों ने समस्याएं रखीं तो चार-पांच लोगों के नाम शिकायत करा दी। आनंद सालवी नामक व्यक्ति को भी थाने लाने की बात कही जा रही है। जोनल अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि उनके और सब इंजीनियर, अधिकारी-कर्मचारी के साथ कोई अभद्रता नहीं हुई है, ना ही हमने कोई शिकायत की, ना पुलिस को बुलवाया गया है।
मांग: भगीरथपुरा जैसी त्रासदी से बचाया जाए: रहवासियों का कहना है असली मुद्दा नर्मदा जल लाइन और ड्रेनेज लाइन की खतरनाक मिक्सिंग है, लेकिन समाधान के बजाय आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। लोगों की मांग है कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और क्षेत्र को किसी बड़ी जलजनित त्रासदी से बचाया जाए।
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