ध्यान रहे... पेंच लड़ें, गले न कटें शुभ संक्रांति-मंगल उत्तरायण: पतंगबाजी करे पर मौत की डोर से दूर रहे इंदौर
KHULASA FIRST
संवाददाता

ये पुलिस-प्रशासन से ज्यादा घर-घर की जागरूकता का मसला, समाज करे पहल
परिवारजन रखें पतंगबाजों पर नजर, बच्चों को न खरीदने दें मौत का मांझा
खुलासा फर्स्ट की तीन साल से चल रही मुहिम ने इस बार सबको किया जाग्रत, चाइना मांझा अब बना सजा
चाइना मांझे से न मनाएं मकर संक्रांति का त्योहार
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मौत की डोर के खिलाफ पुलिस प्रशासन की सख्ती का असर बुधवार सुबह से नजर आया। शहर के परंपरागत पतंगबाजी के इलाकों में दिन चढ़ने तक चाइना की डोर से पतंगबाजी न के बराबर नजर आई। हर साल की तुलना में आसमान भी सुबह 11 बजे तक रंग-बिरंगी पतंगों से आबाद नहीं हुआ था।
मल्हारगंज क्षेत्र में छतों पर डीजे व साउंड सिस्टम का शोर देर से शुरू हुआ। कोर्ट की दखलअंदाजी, जिला प्रशासन की समय रहते मुस्तैदी, शहर के मीडिया घरानों के चौकन्नेपन व मंगलवार को बड़े स्तर पर हुई पुलिसिया धरपकड़ ने इस बार मौत के मांझे के प्रति जनसामान्य में जागरूकता कायम की।
दो निर्दोषों की हृदयविदारक मृत्यु व दर्जनभर घायलों ने अहिल्या नगरी की आत्मा को झकझोरने का काम किया। लिहाजा इस बार की मकर संक्रांति अपने पुराने व परंपरागत मांझे वाली पतंगबाजी से मनाई जाने लगी। भगवान सूर्यनारायण से भी करबद्ध प्रार्थना है कि रंग-बिरंगी पतंगों के इस पर्व में अब किसी का खून न बहे। सनातन धर्म के तीज-त्योहार व पर्व पर रक्त का क्या काम? है न..?
आ ज आपकी खूब ऊंची पतंग उड़े। आसमान में खूब पेंच लड़ें। "मिराज’, "मुर्गे’ से भिड़ जाए और "सांकल तोड़' ‘गिलहरी’ से उलझ जाए। "परियल’ के नखरे "पटिये’ से खत्म हो जाएं। "डग्गे’ की दादागीरी "टुग्गल’ ले उड़े और सबको चौंका दे।
"कानबाज’ की हवाबाजी "चोपड़िया’ खत्म कर दे और "काले’ को उसकी औकात "डांडिया’ बता दे। कोई "रत्ते’ से ही रवाना हो जाए तो कोई "हत्थे’ से ही कट जाए। "खेंच’ के खूब "पेंच’ लड़ें और "ढील’ में जमकर लाड़ लड़े।
"ढील’ का लाड़ "हिलगाने’ तक बढ़ जाए और "खेंच’ में गट्टा उलझ जाए। हवा के झोंके में "रानी’ "झांप’ न खाए, इसका भी ख्याल करे। "खिरनी’ बांधने की नौबत न आए और आ जाए तो फिर "लाई’ भी चिपकाए। "हुचका’ हाथ से छूट न जाए और "गट्टे’ आपस में उलझ न जाएं।
खूब पेंच लड़ें, खूब पतंग उड़ें। बस, किसी का गला न कटे। मौत की उस डोर से दूर रहे इंदौर, जो गला, गाल, नाक, होंठ ही नहीं काटती, बल्कि जान भी ले लेती है। खुशियों के इस त्योहार में मातम के इस मांझे का क्या काम? इसलिए गिलहरी, मुर्गा, सांकलतोड़ जैसे देसी ब्रांड से मांझा सूतें और पतंगबाजी का मजा लें।
ये मसला अब पुलिस प्रशासन के दायरे से ज्यादा सामाजिक सरोकार का भी है। उत्सव तो हम-आप मनाते हैं। पतंग-मांझा हमारे बच्चे, बेटे, भाई, पति लाते हैं। हमें ही इसे रोकने की शुरुआत करनी होगी। हम कब तक पुलिस के भरोसे रहेंगे? गले तो आपके-हमारे कट रहे हैं।
घायल तो हमारे-आपके बच्चे, परिजन हो रहे हैं। मौत के कारोबारी से ज्यादा दोष तो हमारा ही है न? हम दुकानदार से जो मांगेंगे, वो ही तो वह देगा। आज से पांच-सात बरस पहले तक तो बाजार में इस मौत की डोर को कोई नहीं मांगता था। आप "मौत के मंगते’ बने तो मौत के सौदागर पैदा हुए।
नहीं तो ये ही सौदागर देसी "मांझा सूतकर’ हुचके भरते थे। अब आपकी डिमांड में ये मौत का कारोबार करने लगे। दोष किसका? हमारा-आपका, और किसका? जब घर-घर में ही इस डोर का विरोध होगा तो फिर मजाल है कि ये बाजार में बिक जाए।
बाजार तो बिकवाली पर ही टिका है। आप खरीदोगे नहीं तो माल बिकेगा ही नहीं। इस मकर संक्रांति समाज ही संकल्पबद्ध हो कि वह किसी को इस मौत के मांझे से त्योहार नहीं मनाने देगा। छतें तो आपकी ही हैं न? आप तय कर लोगे कि आपकी छत से कोई भी पतंग मौत के मांझे से नहीं उड़ेगी तो मतलब नहीं उड़ेगी।
इसमें पुलिस क्या कर लेगी? बस तो फिर, खूब पतंगबाजी हो। खूब पेंच लड़ें, लेकिन गला किसी का नहीं कटे। इसके लिए आपको ही संकल्प लेना होगा।
भाजपा कार्यकर्ता हत्या का मुकदमा दर्ज कराएंगे
भाजपा कार्यकर्ता आज सुबह से शाम तक पतंगबाजी पर नजर रखेंगे। मौत की डोर मिलने पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराएंगे। महापौर परिषद सदस्य राजेश उदावत, भाजपा नेता शैलेंद्र महाजन ने हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए बताया मकर संक्रांति पर सुबह से शाम तक डोर बेचने वाले दुकानदार और पतंगबाजी करने वालों पर कार्यकर्ता नजर रखेंगे।
दुकानदार बेचते या पतंगबाज उपयोग करते मिलने पर बीएनएस की धारा 106(1) (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं को इलाके के हिसाब से जवाबदारी दी गई है।
तिलक नगर-होलासराय सोनी, दीपेश पालवीया, कनाड़िया मेन रोड- तीरथपाल यादव, मनीष सोनकर, संविद नगर- विकास यादव, पंकज चौहान, गोयल नगर- पवन भार्गव, राकेश जैन, वंदना नगर- विक्रम शेखावत, सांईनाथ कॉलोनी- शीतल थोरात, महावीर नगर- प्रवीण जैन, प्रमोद बिलाला, बख्तावरराम नगर- कन्हैया जोशी, नागेश पाई, विनोबा नगर- विश्वजीत चौहान, लता कैथवास व सोनू कैथवास नजर रखेंगे।
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