दर्शन व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल: आम भक्त लाइन में; मंत्री परिवार सहित गर्भगृह में
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
महाशिवरात्रि का पावन पर्व देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। 14 फरवरी से ही शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालु व्रत, पूजन और भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आए।
भक्तों का उमड़ा सैलाब
महाशिवरात्रि के मौके पर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दरबार में पहुंचे। इस दौरान नेता से लेकर कई वीआईपी श्रद्धालु भी उज्जैन नगरी आए थे।
वीडियो बना चर्चा का विषय
इस बीच एक वीडियो चर्चा का विषय बन गया हैं, जहां एक और बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ था और श्रद्धालु घंटों कतार में लगकर केवल एक झलक पाने को आतुर दिखाई दे रहे थे।
परिवार सहित गर्भगृह में जाकर किए दर्शन
आम श्रद्धालु सीमित समय के दर्शन से संतोष कर रहे थे, वहीं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का परिवार सहित गर्भगृह में जाकर दर्शन करने का वीडियो सामने आया है।
ऐसे समय पर वीडियो आया सामने
मंत्री अपने पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है, जब पहले ही विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर गैंगस्टर सतीश भाऊ के गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना करने को लेकर सुर्खियों में है।
प्रशासन पहले ही दिखा चुका है सख्ती
खजराना गणेश मंदिर मामले के बाद इंदौर जिला प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की थी और साफ किया था कि गर्भगृह दर्शन को लेकर किसी भी तरह की विशेष अनुमति या वीआईपी संस्कृति स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल मंदिर से सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर समान दर्शन व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!