बिना अनुमति रानी सराय के पेड़ काटने की तैयारी: विकास या महा विनाश! ना अनुमति, ना पत्राचार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विकास की दुहाई देकर सरकार मेट्रो को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसी विकास की आड़ में इंदौर की हरियाली पर लगातार कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। ताजा मामला रीगल चौराहा स्थित रानी सराय पुलिस कंट्रोल रूम परिसर का है, जहां सैकड़ों पेड़ों को काटने की तैयारी कर ली गई है, जबकि नगर निगम ने अनुमति नहीं दी है।
सबसे बड़ी बात यह है जिस पत्र में निगम ने साफ लिखा है किसी को पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद मेट्रो कंपनी को रानी सराय से काम शुरू करने की क्या जरूरत आ पड़ी। यही कार्य बंद रीगल टॉकीज से शुरू किया जाए तो न सैकड़ों पेड़ों को हटाने की जरूरत होगी न कोई भी बेजुबान पक्षी बेसहारा होगा। लेकिन किसी को इन बेजुबानों के घरौंदे उजड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
जनहित पार्टी का धरना
चौंकाने वाली बात यह है कि न तो पेड़ कटाई को लेकर कोई विधिवत पत्राचार हुआ है न पर्यावरणीय स्वीकृति ली गई, इसके बावजूद जमीन पर सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। इस मनमानी के खिलाफ जनहित पार्टी के कार्यकर्ता 12 दिन से अनशन और धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
पार्टी का आरोप है मेट्रो परियोजना की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर शहर की हरियाली को खत्म किया जा रहा है। निगम और मेट्रो प्रबंधन ने जल्द पेड़ कटाई पर रोक नहीं लगाई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
इधर, नगर निगम और मेट्रो प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल साफ है जब अनुमति ही नहीं है तो किसके आदेश पर सैकड़ों पेड़ों को मौत के घाट उतारने की तैयारी है? विकास के नाम पर विनाश का यह खेल आखिर कब रुकेगा?
जनता हुई एकजुट
रानी सराय के पेड़ों और वहां बसे पशु-पक्षियों को बचाने के लिए शहर की जनता एकजुट होने लगी है। जनहित पार्टी और पर्यावरणप्रेमी मंच के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में रोज नए लोग जुड़ रहे हैं। रानी सराय परिसर में दिन-रात लगातार धरना जारी है और आज आंदोलन का 12वां दिन हो चुका है।
300 से अधिक पेड़, हजारों पक्षी खतरे में: रानी सराय में मेट्रो स्टेशन की योजना के चलते 200 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे और हजारों पक्षियों का प्राकृतिक बसेरा खत्म हो जाएगा। यह इलाका इंदौर के मध्य क्षेत्र का प्रमुख ग्रीन जोन है, जो पूरे इलाके को प्राकृतिक रूप से रिचार्ज करता है। यही नहीं शहर में सबसे अधिक पक्षियों वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां वर्षों से जैव विविधता सुरक्षित है।
225 पेड़ों का पंचनामा, फिर भी नहीं सुनी गई आवाज
जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया पार्टी द्वारा सबसे पहले परिसर में मौजूद 225 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें उनकी प्रजाति, ऊंचाई और चौड़ाई तक का विवरण दर्ज किया गया। इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर मेट्रो स्टेशन को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग रखी गई।
अगले दिन रीगल चौराहे पर जन जागरण किया गया और संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। 1 जनवरी 2026 से पार्टी कार्यकर्ता रानी सराय परिसर में ही धरने पर डटे हैं। वहीं भोजन कर रहे हैं और रात्रि विश्राम भी।
पार्टी का स्पष्ट मत है मेट्रो स्टेशन कहीं और शिफ्ट किया जाए और परिसर का एक भी पेड़ नहीं काटा जाए, क्योंकि यही हजारों पक्षियों का आशियाना है। इसी मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
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