ईडब्ल्यूएस-एलआईजी संपत्तियों पर कब्जा: सरकारी संरक्षण में गैंग सक्रिय; नीति के दुरुपयोग से छिन रहा गरीबों का हक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस/ एलआईजी) के लिए आरक्षित भूखंडों, फ्लैट और मकानों पर संगठित रूप से कब्जा करने वाली गैंग के सक्रिय होने और उसे कथित सरकारी व राजनीतिक संरक्षण के गंभीर आरोप का खुलासा हुआ है। आरोप लगाया गया है कि जनकल्याणकारी नीतियों का खुलेआम दुरुपयोग कर गरीबों के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है।
नियमानुसार निजी कॉलोनियों और सरकारी योजनाओं में एक निश्चित प्रतिशत में भूखंड/फ्लैट व मकान कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित होते हैं। इनमें पात्रता के लिए आवेदक का निम्न आय वर्ग का होना अनिवार्य है तथा पति-पत्नी को एक परिवार मानते हुए, पूरे मध्य प्रदेश में उनके नाम कोई अन्य संपत्ति नहीं होना चाहिए। आरोप है इसके बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर अपात्र इन भूखंडों को हथिया रहे हैं।
आईडीए की शर्तें भी बेअसर
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) लीज डीड में स्पष्ट शर्तें रखता है और बिक्री की स्थिति में नामांतरण नहीं करता, बावजूद इन शर्तों को दरकिनार कर अवैध अंतरण भी हो रहा है।
सर्टिफिकेट ‘निर्माण’ में सरकारी संरक्षण का आरोप
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोदकुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के सर्टिफिकेट सरकारी संरक्षण में बनाए जा रहे हैं और भाजपा नेताओं के संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क फल-फूल रहा है।
आरक्षित भूखंड, फ्लैट और मकान इस गैंग द्वारा हथिया लिए जाते हैं, फिर इन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है और दूसरी जगह फिर आरक्षित संपत्ति ले ली जाती है।
ई-रजिस्ट्रेशन की खामी बनी हथियार
द्विवेदी ने बताया ई-रजिस्ट्रेशन में कमजोर व निम्न आय वर्ग की सूची संलग्न तो की जाती है, लेकिन वह रजिस्ट्री का हिस्सा नहीं होती।
इसका फायदा उठाकर बिल्डर और कॉलोनाइजर दस्तावेजों में अंतरण की रोक या समयावधि का उल्लेख नहीं करते। न ही यह जानकारी दी जाती है संबंधित फ्लैट, मकान या प्लॉट आरक्षित है, न कोई सूचना पटल लगाया जाता है। नतीजतन आम नागरिक अनजाने में इन आरक्षित संपत्तियों को खरीद लेता है।
आरोप- पूरे प्रदेश में सक्रिय है गैंग
उन्होंने दावा किया पूरे प्रदेश में संगठित गैंग सक्रिय है, जो धड़ल्ले से सर्टिफिकेट बनवाती है, जनप्रतिनिधियों के दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल कर बिल्डरों व कॉलोनाइजरों से आरक्षित संपत्तियां खरीदती है और फिर उन्हें महंगे दामों पर बेच देती है।
जिम्मेदारी से बचते अधिकारी
प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया अधिकारियों ने स्वयं को जांच से बचाने के लिए नीति बना ली है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग की सूची बिल्डर या कॉलोनाइजर से मंगाकर केवल उसका अनुमोदन कर दिया जाए ताकि भविष्य में किसी जांच की स्थिति में जिम्मेदारी बिल्डर या कॉलोनाइजर पर डाली जा सके, जबकि सर्टिफिकेट जारी करना पूरी तरह अधिकारियों का दायित्व है।
स्पष्ट फार्मेट या नियम नहीं
द्विवेदी ने कहा जिला प्रशासन ने आज तक ऐसा कोई स्पष्ट फार्मेट या नियम तय नहीं किया, जिसमें आरक्षित संपत्तियों के अंतरण से जुड़े नियम, शर्तें और प्रतिबंध आम जनता के अवलोकन के लिए उपलब्ध हों। इससे आम आदमी अनजाने में इन संपत्तियों को खरीदने के जाल में फंस रहा है।
सरकार पर गंभीर सवाल
एडवोकेट द्विवेदी ने सवाल उठाया कि क्या सरकार अब आम आदमी के घरों, फ्लैटों और मकानों पर भी डाका डालने का खेल खेल रही है? भाजपा नेताओं ने गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के अधिकार हड़पने का संगठित तंत्र खड़ा कर दिया है, जो सामाजिक न्याय और गंदी बस्ती निर्मूलन जैसे कानूनों का खुला मजाक है।
संबंधित समाचार

सिम एक्टिवेशन के नाम पर साइबर ठगी:आईटी कर्मचारी के खाते से लाखों उड़ाए

जहरीले पानी से मरने वालों के घर पहुंची कांग्रेस:मृतकों के परिजन ने कहा- हादसे के दोषियों को सजा मिलना चाहिए

देखिए वीडियो, राजघाट पहुंचा विपक्ष:इन नेताओं को अंदर जाने की अनुमति; बापू को दी श्रद्धांजलि, सीईसी के इस्तीफे पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन

देखिए वीडियो, सर्वपितृ अमावस्या पर मुस्लिम महिला करेगी पितृ तर्पण:पूर्वजों के सम्मान का लिया संकल्प

फिटनेस व्यवस्था हुई ठप चालकों की ‘चेकिंग’ तेज:सरकारी वेबसाइट पर फिटनेस सुविधा महीनों से बाधित होने का दावा

एमटी क्लॉथ मार्केट में बंपर अमृत उपहार योजना का मुख्य ड्रॉ संपन्न:व्यापारियों को मिले 251 आकर्षक उपहार; दलालों के लिए रखे गए थे 31 विशेष पुरस्कार

मध्यप्रदेश में निवेश करेगा आरपीजी समूह:ट्रांसमिशन, टायर,आईटी सेक्टर पर सीएम डॉ. मोहन यादव से हर्ष गोयनका की चर्चा

चाचा 420 की साजिश का शिकार आरिफ अली:एक बार एनडीपीएस एक्ट के झूठे केस में फंसा चुका; फिर दे रहा धमकी

बैंक बिल्डिंग के जर्जर छज्जे हटाए:प्लास्टर गिरने के बाद निगम की कार्रवाई; समय-सीमा में नहीं हुआ काम

नकली तंबाकू का नेटवर्क खंगाल रही सराफा पुलिस:आरोपी ने लिया कृष्णा ट्रेडर्स का नाम; पैकिंग रोल और लेबल के स्रोत की भी होगी जांच

कार से टक्कर के बाद बाइक सवार नशेड़ी ने फोड़ा कांच:घटना के बाद दोनों पक्ष को थाने ले गई पुलिस; मारपीट का वीडियो वायरल

गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसके गुर्गों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई शिकायत:लाखों रुपए वसूलने के मामले में; प्रॉपर्टी सेटलमेंट के नाम पर लिए, अब धमका रहे हैं फरियादी को

टूरिज्म फीलिंग नहीं हीलिंग भी:सीएम डॉ. मोहन यादव

जय श्रीकृष्ण या 'जेएसके' या जय श्रीकृष्णा

दोस्तों के साथ ओडिशा गया गणेश लापता:जांच पर उठे सवाल

ड्रग्स तस्करी की 48.50 लाख की कमाई पर सफेमा का शिकंजा:पहले से 13 केस दर्ज; जिनमें से तीन एनडीपीएस एक्ट के

पेट्रोल पंप से की रेकी और रास्ते में लूट लिया:काका तमने जो नोट दिया वी नकली है कहकर रोका था किसान को

बंटी नागर खुदकुशी कांड में बॉबी छाबड़ा की हुई एंट्री:मामला छोटा बांगड़दा हाईराइज बिल्डिंग के 35 करोड़ के लेनदेन का

चंदर की मौत का गुस्सा:कोर्ट में बदमाश सूरज जाट पर बरसीं चप्पलें

तस्कर रेहान गिरफ्तार पुलिस ने आखिरकार दबोचा:नाना के ड्रग्स नेटवर्क की अहम कड़ी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!