नकली डॉक्टर बन जमीन गिरवी रख लिया 1.73 करोड़ रु. का फर्जी लोन: रियल एस्टेट-बैंकिंग ठगी गैंग का खुलासा, अब तक 6 गिरफ्तार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया पुलिस ने जमीन से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े में करोड़ों की बैंक ठगी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया है। मामले में एक रिटायर्ड महिला डॉक्टर की पहचान का दुरुपयोग कर उनके भूखंड की दो-दो फर्जी रजिस्ट्री करवाई गईं और अलग-अलग बैंकों से करीब 1 करोड़ 73 लाख रुपए का लोन उठा लिया गया। पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि दो मुख्य आरोपी फरार हैं, जिन पर इनाम घोषित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक पीड़िता डॉ. राजरानी खरे (71) निवासी बालाघाट ने बताया उन्हें वर्ष 1994 में चिकित्सक नगर स्थित 2000 वर्गफीट का भूखंड विधिवत रजिस्ट्री से आवंटित हुआ था। उन्होंने 500 वर्गफीट पर निर्माण और शेष हिस्से पर बाउंड्रीवॉल करवाई थी।
जनवरी 2025 में एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट बैंक द्वारा संपत्ति पर कब्जे का नोटिस चस्पा किया गया, तब इस सनसनीखेज ठगी का खुलासा हुआ। शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि आरोपियों ने डॉ. खरे का प्रतिरूपण कर दो अलग-अलग फर्जी रजिस्ट्री करवाईं।
इन रजिस्ट्रीयों को अलग-अलग बैंकों में बंधक रखकर जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक से 80 लाख और एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट बैंक से 93 लाख रुपए का लोन लिया गया। लसूड़िया पुलिस ने दस्तावेजी जांच, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन का तुलनात्मक विश्लेषण किया तो पाया कि बैंक ट्रांजेक्शन आपसी मिलीभगत से दिखावटी रूप से किए गए थे।
इस आधार पर फर्जी डॉक्टर बनकर सामने आई उषा बडोनिया को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसकी सहयोगी फरहत कौसर उर्फ रूबिना, फर्जी फर्म भारत मशीन के नाम से खाता खुलवाने वाला मुनव्वर हुसैन, कंटारिया अरविंद भाई केशव भाई बनकर खाता खोलने वाला वीरेंद्रसिंह कुमरे, पहचान बनाने में मददगार अजय वर्मा और फर्जी रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने वाले अब्दुल रज्जाक को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में बैंक कर्मचारियों, दस्तावेज सत्यापन करने वाले अधिवक्ताओं और आधार सेंटर ऑपरेटरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इनके खिलाफ भी जांच जारी है।
मास्टरमाइंड फरार, इनाम घोषित
इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य आरोपी जावेद अहमद कुरैशी और दूसरी फर्जी ‘राजरानी खरे’ बनी तनवीर उर्फ तन्नु फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी पर डीसीपी जोन-2 द्वारा 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी तारेश कुमार सोनी, उप निरीक्षक संजय विश्नोई सहित पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
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