डिजिटल अरेस्ट गैंग पर पुलिस का प्रहार: गुजरात-पंजाब से दो और आरोपी गिरफ्तार; 19 तक पहुंची गिरफ्तारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । क्राइम ब्रांच इंदौर ने डिजिटल अरेस्ट ऑनलाइन ठगी प्रकरण में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात के वापी और पंजाब के फिरोजपुर से दो नए आरोपी सौरभ सिंह और पतरस कुमार उर्फ केलि
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्राइम ब्रांच इंदौर ने डिजिटल अरेस्ट ऑनलाइन ठगी प्रकरण में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात के वापी और पंजाब के फिरोजपुर से दो नए आरोपी सौरभ सिंह और पतरस कुमार उर्फ केलिस को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई प्रोफाइल मामले में अब तक देशभर से 19 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। यह वही प्रकरण है जिसमें 59 वर्षीय महिला से 1 करोड़ 60 लाख रुपए की डिजिटल ठगी की गई थी। मामला बड़ा होने के कारण इसकी जांच में देश–विदेश तक की कड़ियां सामने आ रही हैं।
महिला ने एनसीआरपी पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने स्काइप और व्हाट्स एप वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई, आरबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें डराया कि उनके बैंक अकाउंट से मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और उन्हें जेल हो सकती है।
इस डर के चलते ठगों ने महिला से बैंक अकाउंट डिटेल एफडी और शेयर से जुड़ी जानकारी वेरिफिकेशन के नाम पर 1.60 करोड़ रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसी शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
सैकड़ों सिमकार्ड, विदेशी कनेक्शन- पूछताछ में आरोपी पतरस कुमार ने बताया कि वह 350 से ज्यादा सिम कार्ड ठग गैंग को उपलब्ध करा चुका है।
ये सिम ग्रामीण इलाकों के लोगों के दस्तावेज पर निकाले गए थे। कई सिम लाओस देश तक भेजने की बात का खुलासा किया है। दूसरा आरोपी सौरभ सिंह उर्फ लूसी, जो होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएट है, ने भी कबूला कि वह लाओस में रहकर डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में शामिल विदेशी गिरोह के साथ काम करता था। क्राइम ब्रांच इन दोनों आरोपियों से और कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
ऐसे चुनते थे ठग अपने शिकार
जांच में सामने आया कि गैंग 40 से 70 वर्ष के सिंगल पुरुष–महिलाओं की प्रोफाइल सोशल मीडिया और डेटिंग एप पर स्कैन करता था, फिर उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर फंसा लिया जाता था। गैंग में काम करने के लिए कई युवाओं को नौकरी के नाम पर बहकाकर सायबर अपराध में उतारा जाता था। इस पूरे गैंग के खिलाफ एक स्पेशल टीम बनाई गई है, जो लगातार देश के विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही है। अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी इसी टीम के प्रयासों से संभव हुई है।
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