मरीजों की जान से खिलवाड़: जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में खुलेआम घूम रहे चूहे; पहले भी कुतर दिए थे दो मरीजों के पैर
खुलासा फर्स्ट, जबलपुर। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चूहों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर और जबलपुर मेडिकल कॉलेज के बाद अब जबलपुर जिला अस्
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चूहों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर और जबलपुर मेडिकल कॉलेज के बाद अब जबलपुर जिला अस्पताल सुर्खियों में है।
अस्पताल में चूहों की मौज
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के वार्ड से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। इस वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि चूहे बेखौफ होकर मरीज के बिस्तर, उसके टिफिन और आसपास घूमते नजर आ रहे हैं।
बड़ी लापरवाही पर भड़के नेता
यह नजारा रविवार रात का है, जिसे मरीज के परिजनों ने मजबूर होकर अपने कैमरे में कैद किया। इस वीडियो को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने भी साझा किया है।
मरीजों की जान से खिलवाड़ करने जैसा
उन्होंने सीधे तौर पर अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस तरह की अव्यवस्थाएं अस्पताल में भर्ती लाचार मरीजों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
मरीज के रिश्तेदारों का स्पष्ट आरोप है कि वार्ड में चूहों की समस्या नई नहीं है, बल्कि यह कई दिनों से बनी हुई है। उनकी शिकायत है कि उन्होंने इसकी जानकारी नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों को कई बार दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब सारी उम्मीदें खत्म हो गईं, तब अव्यवस्था का पर्दाफाश करने के लिए उन्हें यह वीडियो बनाना पड़ा।
पहले भी हो चुकी है घटना
यह पहली बार नहीं है जब जबलपुर के सरकारी अस्पताल की लापरवाही उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में आखिरी बार पेस्ट कंट्रोल 27 नवंबर 2025 को हुआ था।
इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि लगभग तीन महीने पहले नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की घटना हुई थी। उस समय अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में भर्ती दो मरीजों के पैर चूहों ने कुतर दिए थे। बाद में जांच हुई, जिसमें मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई थी।
तत्काल जांच कराई जाएगी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा ने मीडिया को बताया है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि वीडियो की सत्यता प्रमाणित होती है, तो तत्काल जांच कराई जाएगी और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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