किस सवाल पर नाराज हो गए मंत्रीजी: रिपोर्टर से क्यों बोले- मुझे निर्देश न दें; यह भी कहा-भाषा का सही इस्तेमाल करें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट गुरुवार को मुरार सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे से जुड़े एक सवाल पर वे नाराज हो गए।
पत्रकार ने यह सवाल पूछा था
पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वे सिंधिया के दौरे के समय ही ग्वालियर में सक्रिय होते हैं? इस पर मंत्री सिलावट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आप मुझे निर्देश नहीं देंगे। भाषा का सही इस्तेमाल करें।”
बताने की जरूरत नहीं
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे कब और कितनी बार ग्वालियर आते हैं। “मेरा पूरा लेखा-जोखा पार्टी और सरकार के पास है। मेरा साल भर का चार्ट उठा लीजिए, फिर बात कीजिए,” उन्होंने कहा। साथ ही सवाल उठाया कि प्रभारी मंत्री के दौरे की संख्या पर प्रश्न करने का औचित्य क्या है।
ओलावृष्टि से नुकसान की समीक्षा
बैठक में मंत्री ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के नुकसान की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के 1711 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए करीब 2 करोड़ 63 हजार रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई है, जिसका वितरण 20 फरवरी को किया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
बजट को बताया ऐतिहासिक
मध्य प्रदेश के आगामी बजट सत्र से पहले कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के कर्ज को लेकर उठाए गए सवालों पर भी सिलावट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में ऐतिहासिक बजट पेश हुआ है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का बजट भी समग्र विकास को गति देगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
संबंधित समाचार

कॉपी-किताब मोनोपोली पर सख्त कार्रवाई:स्कूल के संचालक-प्राचार्य पर एफआईआर; अभिभावक की शिकायत पर हुआ खुलासा

जोन 10 के उपयंत्री का 15 दिन का वेतन काटने और एल एंड टी कंपनी पर एक लाख की पैनल्टी लगाने के दिए निर्देश

फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई:कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को किया सील; कलेक्टर ने कही ये बात

वंदे मातरम् विवाद:महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शेख अलीम की डील का नतीजा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!