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निगम नहीं, मंडल अध्यक्ष ने तुड़वाए मकान: कलेक्टर की अनुमति बिना कम्युनिटी हॉल भी तोड़ दिया; मामला बाणगंगा क्षेत्र का

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । अतिक्रमण तोड़ने का जिम्मा नगर निगम का है, लेकिन भाजपा नेता अपनी समानांतर सत्ता चला रहे हैं। कल बाणगंगा क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष नितिन कश्यप, उपाध्यक्ष अजय बामरेले ने कार्यकर्ताओं

Khulasa First

संवाददाता

27 नवंबर 2025, 12:23 अपराह्न
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निगम नहीं, मंडल अध्यक्ष ने तुड़वाए मकान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
अतिक्रमण तोड़ने का जिम्मा नगर निगम का है, लेकिन भाजपा नेता अपनी समानांतर सत्ता चला रहे हैं। कल बाणगंगा क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष नितिन कश्यप, उपाध्यक्ष अजय बामरेले ने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अपना निजी बुलडोजर बुलवाया और मकानों के अगले हिस्सों को तुड़वा दिया। खास बात ये है कि इस दौरान कई मकानों को जो वास्तव में अवैध थे, छोड़ दिए गए। मामले में निगम के रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे ने इंकार किया कि उन्होंने कोई टीम तोड़-फोड़ के लिए भेजी है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष-उपाध्यक्षों ने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर ये कार्रवाई की। ये भाजपा नेताओं का अपना तोड़-फोड़ अभियान बाणगंगा मेन रोड स्थित अखाड़ा से पोलो ग्राउंड तक बन रही 60 फीट रोड में बाधक मकानों पर चला। पूर्व विधायक संजय शुक्ला यहां बीच में एक पुल का निर्माण करवा चुके हैं और अब इस सड़क का निर्माण होना है।

इस रोड पर बाधक मकानों को नगर निगम को तोड़ना था, लेकिन उससे पूर्व ही भाजपा के मंडल अध्यक्ष नितिन कश्यप और उपाध्यक्ष अजय बामरेले ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपने निजी बुलडोजर बुलवाए और तोड़-फोड़ करवा दी। लोग पूछते रहे और चिल्लाते भी रहे, लेकिन दोनों नेताओं पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा और वे केवल चालक को बुलडोजर चलाने के निर्देश देते रहे।

रिमूवल अधिकारी बोले-हमने कोई टीम नहीं भेजी... खास बात ये थी कि नेताओं के अपने तोड़फोड़ अभियान के पूर्व निगम के कुछ अधिकारी भी आए थे और मौका-मुआयना करके चले गए। लोग पूछते ही रहे कि क्या निगम ने इन नेताओं को मकानों की तोड़-फोड़ करने की सुपारी दे दी है? क्या निगम ने अब निजी तौर पर अतिक्रमण हटवाने का अभियान शुरू कर दिया है या फिर भाजपा नेता शहर में अपनी समानांतर सत्ता चला रहे हैं?

इस मामले में जब निगम के रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे से बात की तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने कोई टीम तोड़-फोड़ के लिए नहीं भेजी। उन्हें पता भी नहीं है कि ऐसी कोई कार्रवाई होना है। न ही अधिकारियों ने उन्हें इस ओर कार्रवाई का कोई आदेश दिया है।

कम्युनिटी हॉल भी तोड़ दिया... नेताओं ने अपने बुलडोजर से मार्ग में बाधक कम्युनिटी हॉल भी तोड़ दिया। जबकि नियमानुसार सरकारी संपत्ति को तोड़ने या हटाने के लिए कलेक्टर की अनुमति की जरूरत होती है। न किसी की विनती सुनी और न किसी की फरियाद। लोग रोते-चिल्लाते रहे और नेताओं का बुलडोजर चलता रहा। खास बात ये थी कि इस दौरान पुलिस व्यवस्था नहीं थी। यदि कोई बवाल हो जाता तो कैसे संभलता, ये बड़ा सवाल है।

नगराध्यक्ष बोले-मुझे कोई जानकारी नहीं... इस मामले में भाजपा नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। नितिन से पूछकर बता पाऊंगा।

मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन कश्यप ने कहा कि वो तो लोगों को समझाने गए थे। बुल्डोजर तो निगम का ही था। मेरा कुछ भी नहीं था। लेकिन कश्यप के पास इस सवाल का जवाब नहीं था कि लोगों को समझाने में बुलडोजर लेकर जाने की जरूरत क्या थी?

60 से ज्यादा मकानों के हिस्सों को तोड़ा... कल भाजपा नेताओं के बुलडोजर ने अखाड़े से पोलोग्राउंड तक बन रही 60 फीट रोड में बाधक 60 से ज्यादा मकानों के अगले-पिछले हिस्सों को तोड़ा। किसी के कम तो किसी के ज्यादा हिस्से तोड़े गए।

इस दौरान विरोध भी हुआ, लेकिन नेताओं के साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें चुप करा दिया। कई परिवार रोने लगे लेकिन न तो बच्चों के और न बड़ों के आंसुओं का इन नेताओं पर कोई असर पड़ा।

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