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कानूनी गलती नहीं पुख्ता विवेचना हो: धारा 50 पर जीआरपी का हाई-वोल्टेज प्रशिक्षण दोषसिद्धि बढ़ाने का ब्लूप्रिंट तैयार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । इंदौर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई को और धार देने के लिए जीआरपी ने एनडीपीएस एक्ट पर तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया। कार्यालय पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर में हुए एक दिवसीय विशेष सत्र म

Khulasa First

संवाददाता

16 दिसंबर 2025, 10:49 पूर्वाह्न
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कानूनी गलती नहीं पुख्ता विवेचना हो

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
इंदौर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई को और धार देने के लिए जीआरपी ने एनडीपीएस एक्ट पर तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया। कार्यालय पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर में हुए एक दिवसीय विशेष सत्र में संदेश दिया गया कि कानूनी गलती नहीं, पुख्ता विवेचना हो।पुलिस अधीक्षक रेल पद्म विलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में समस्त थाना/चौकी प्रभारी सहित अपराध शाखा के 21 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

एनडीपीएस एक्ट अत्यंत संवेदनशील कानून: विशेषज्ञों ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट अत्यंत संवेदनशील कानून है, जहां प्रक्रिया की छोटी-सी चूक भी केस को अदालत में कमजोर कर सकती है। खासतौर पर धारा 50, जो आरोपी के मौलिक अधिकारों से सीधे जुड़ी है।

प्रशिक्षण में शासकीय अधिवक्ता अभिजीत राठौर और केंद्रीय जेल इंदौर के विधि अधिकारी अकरम शेख ने धाराएं 41, 42, 43 और 50 को केस-लॉ के साथ विस्तार से समझाया। तलाशी की विधि, मेमो तैयार करने की बारीकियां, पंच गवाहों की भूमिका, इलेक्ट्रॉनिक व तकनीकी साक्ष्यों का महत्व और न्यायालय की अपेक्षाओं पर विशेष फोकस रहा। समूह चर्चा, केस स्टडी और प्रश्नोत्तर सत्र में विवेचकों की शंकाओं का मौके पर समाधान किया गया।

तकनीकी मजबूती ही जीत की कुंजी
पुलिस अधीक्षक शुक्ल ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में तकनीकी मजबूती ही जीत की कुंजी है। यह प्रशिक्षण जीआरपी को त्रुटिरहित विवेचना के लिए तैयार करेगा। वक्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि धारा 50 का विधिसम्मत पालन न हो तो मजबूत बरामदगी भी कमजोर पड़ सकती है। जीआरपी की यह पहल अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, जिससे नशे के खिलाफ कार्रवाई अदालत की कसौटी पर और अधिक मजबूत होगी।

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