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अवैध पटाखा फैक्ट्री पर हुई कार्रवाई में जमीन मालिक पर एफआईआर नहीं: प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । जिले में अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बावजूद जमीन मालिकों पर एफआईआर दर्ज न होना अब सवालों के घेरे में है। अवैध पटाखा मार्केट में आग लगन...

Khulasa First

संवाददाता

23 दिसंबर 2025, 12:23 अपराह्न
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अवैध पटाखा फैक्ट्री पर हुई कार्रवाई में जमीन मालिक पर एफआईआर नहीं

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
जिले में अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बावजूद जमीन मालिकों पर एफआईआर दर्ज न होना अब सवालों के घेरे में है। अवैध पटाखा मार्केट में आग लगने की घटना के बाद विस्फोटक अधिनियम के तहत छापामार कार्रवाई तो हुई, लेकिन जिनकी जमीन पर ये अवैध फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

अवैध पटाखा मार्केट में आगजनी के बाद जिला प्रशासन ने विस्फोटक अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सोनगिर, तहसील हातोद स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 26 (रकबा 3.153 हेक्टेयर) और देपालपुर क्षेत्र के ग्राम जलोदिया पार स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 162/2 एवं 163/2 पर संचालित दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर छापा मारा।

इस दौरान लगभग 200 किलो बारूद, भारी मात्रा में तैयार सुतली बम और पटाखा निर्माण की सामग्री जब्त की गई। संबंधित जमीन हितेंद्रसिंह चावड़ा और आदित्यराज चावड़ा के नाम दर्ज है। ग्राम सोनगिर, तहसील हातोद स्थित चावड़ा कृषि फार्म हाउस में प्रशासन की नजरों से बचने के लिए अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी। फार्म हाउस में गायों का शेड बनाकर 8 गायें पाली गई थीं, ताकि लोगों को लगे कि यहां केवल कृषि व पशुपालन गतिविधियां चल रही हैं।

पहले भी हो चुकी कार्रवाई, फिर शुरू हुआ अवैध कारोबार
सूत्रों के अनुसार यह अवैध पटाखा फैक्ट्री हितेंद्रसिंह चावड़ा और राहुल अग्रवाल की साझेदारी में संचालित हो रही थी। फार्म हाउस हितेंद्र सिंह का ही है और कार्रवाई के दौरान जिस टीन शेड को गिराया गया, वह भी उन्हीं के द्वारा बनवाया गया था। जानकारी के अनुसार इस जमीन पर पूर्व में भी विस्फोटक अधिनियम के विपरीत अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा चुकी थी, जिस पर कार्रवाई हुई थी। इसके बावजूद दोबारा अवैध रूप से पटाखा निर्माण शुरू कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि अवैध रूप से पटाखों का निर्माण, भंडारण और क्रय-विक्रय सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था।

दीपावली पर भी नहीं हुई कार्रवाई
हाल ही दीपावली पर्व के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जिलेभर में अवैध पटाखों के विरुद्ध अभियान चलाया गया था, लेकिन उस दौरान भी यह फैक्ट्री कार्रवाई से बच गई थी। अब खुलासा होने के बाद भी जमीन मालिक पर एफआईआर न होना प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

बड़ी मात्रा में सुतली बम जब्त
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में एडीएम रोशन राय एवं राजस्व अमले द्वारा जिलेभर में एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान हातोद क्षेत्र में लगभग 100 किलो बारूद, भारी मात्रा में सुतली बम तथा दो लोडिंग वाहन जब्त किए गए। आरोपी राहुल अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं तीन मजदूरों को भी हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही अवैध रूप से बने 10 हजार वर्गफीट के शेड को ध्वस्त कर बिजली कनेक्शन की डीपी भी हटाई गई।

देपालपुर में भी अवैध फैक्ट्री सील
देपालपुर क्षेत्र के ग्राम जलोदिया पार स्थित आदित्यराज चावड़ा की भूमि पर अवैध पटाखा फैक्ट्री का 17 दिसंबर को खुलासा हुआ। यहां से 13 बोरियां सुतली बम और लगभग 100 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त कर फैक्ट्री को सील किया गया।

सबसे बड़ा सवाल
जब अवैध फैक्ट्रियां जमीन मालिकों की भूमि पर संचालित हो रही थीं, पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी थी और निर्माण उनके संज्ञान में था, तो जमीन मालिकों पर अब तक एफआईआर क्यों नहीं?

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