रुद्राक्ष ग्रुप का नितिन रोचलानी: ठग ही नहीं, भूमाफिया भी है
KHULASA FIRST
संवाददाता

सांवेर में सरकारी कांकड़ पर अवैध प्लॉटिंग कर किसानों का रास्ता किया बंद, राजनीतिक संरक्षण के आरोप
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
रियल एस्टेट के नाम पर ठगी करने वाले नितिन रोचलानी का एक पुराना कारनामा सामने आया है। ठग नितिन अब भूमाफिया के रूप में भी सामने आ रहा है। आरोप है कि उसने सांवेर में पंचोला रोड स्थित रुद्राक्ष आंगन कॉलोनी काटकर उसकी आड़ में कॉलोनी से सटी सरकारी कांकड़ (सर्वे नंबर 53) पर अवैध कब्जा कर प्लॉट काटने और पानी की टंकी तक बना दी।
इसके चलते किसान ने तहसीलदार को शिकायत की थी, लेकिन रोचलानी ने राजनीतिक दबाव बनाकर किसान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
किसानों द्वारा 4 सितंबर 2023 को तहसीलदार को की गई शिकायत के अनुसार सांवेर कस्बे के पंचोला रोड पर उनकी कृषि भूमि है, जहां तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता सरकारी कांकड़ सर्वे नंबर 53 से होकर जाता है, जिसका वे वर्षों से निर्विवाद रूप से उपयोग कर रहे हैं।
लेकिन मेसर्स निशी एस्टेट (भागीदार फर्म) के अधिकृत व्यक्ति नितिन रोचलानी ने इसी सरकारी कांकड़ पर अवैध रूप से तार-खंभे लगाकर फेंसिंग कर दी, जिससे खेत का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
अब उनकी भूमि तक हार्वेस्टर जैसी कृषि मशीनें भी नहीं पहुंच पा रहीं, जिससे फसल कटाई में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध करने पर नितिन रोचलानी का कहना था कि जहां शिकायत करना है कर दो, हमारी बड़े अधिकारियों से सेटिंग है।
नितिन पर लगे हैं ठगी के गंभीर आरोप
उल्लेखनीय है रुद्राक्ष ग्रुप के नितिन रोचलानी पर कुछ दिन पहले ही बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट ठगी का आरोप लगा है। जहां पीड़ित महेंद्र जैसवाल के साथ भी 10 हजार स्क्वेयर फीट भूमि का पंजीकृत विक्रय-पत्र कराकर यह सौदा नितिन रोचलानी के माध्यम से हुआ, जिसने भरोसा दिलाया कि जमीन पूरी तरह निर्विवाद है।
इसके चलते पीड़ित द्वारा एग्रीमेंट के समय कुछ राशि चेक के माध्यम से दी गई। रजिस्ट्री के दिन ढक्कनवाला कुआं स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में भी रोचलानी द्वारा खुद अपनी कार में किसानों को बैठाकर लाया गया और रजिस्ट्री करवाई गई।
इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग समय पर चेक दिए, जो करीब तीन महीने में क्लियर हुए। पूरा भुगतान हो जाने के बाद जब नामांतरण की बात आई तो रोचलानी टालमटोल करने लगा। एलआईजी स्थित उसके ऑफिस में कई बैठकें हुईं, लेकिन हर बार वह नामांतरण करवा दूंगा कहकर टालता रहा।
जब पीड़ित ने सख्ती दिखाई तो उसने राजनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। किसानों से मिलवाने की मांग भी वह लगातार टालता रहा। बाद में जब पीड़ित ने प्लॉट पर जाकर जांच की तो पता चला कि उक्त जमीन को लेकर पहले से ही किसानों और सहारा ग्रुप के बीच न्यायालयीन विवाद चल रहा है।
रोचलानी फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड
पुलिस कमिश्नर कार्यालय को दी शिकायत में नितिन रोचलानी को पूरे फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड बताया है। आरोप है कि उसने खुद सामने आए बिना किसानों के नाम से रजिस्ट्री कराई और पर्दे के पीछे से पूरे सौदे को नियंत्रित किया। इसी रणनीति के तहत विवादित जमीन को निर्विवाद बताकर बेचा गया और पीड़ित से करोड़ों रुपए की ठगी की गई।
नेता का संरक्षण, सरकारी प्लॉट भी बेचे कॉलोनी के रेट में
सूत्रों के मुताबिक कांकड़ की करीब 14 हजार स्क्वेयर फीट जमीन पर भी नितिन रोचलानी ने स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेता संदीप के संरक्षण में अवैध प्लॉटिंग कर दी। यह जमीन भूमाफिया नितिन रोचलानी की कॉलोनी से लगी हुई थी, जिसे उसने कॉलोनी की बताते हुए वहां टंकी का निर्माण कर करीब 1800 से 2600 रुपए स्क्वेयर फीट तक के भाव में कांकड़ की जमीन के प्लॉट बेच डाले।
कर चुके नपती की मांग
पीड़ितों ने 4 सितंबर 2023 को तहसील कार्यालय सांवेर में आवेदन देकर मांग की थी कि सरकारी कांकड़ सर्वे 53 की तत्काल सरकारी नपती कराई जाए, ताकि रास्ता बहाल हो सके। साथ ही जब तक नपती नहीं हो जाती, तब तक कंपनी द्वारा किसी भी तरह के पक्के निर्माण पर रोक लगाई जाए।
शिकायत के बाद लगातर पीड़ित किसानों पर दबाव बनाकर आवेदन वापस लेने को मजबूर किया गया, जिसके साक्ष्य खुलासा फर्स्ट के पास मौजूद हैं।
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