मतदाता सूची पुनरीक्षण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: समय-सीमा और गुणवत्ता पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का विशेष जोर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआ)-2026 के कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि वे तय समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करें और इसकी सघन मॉनिटरिंग भी की जाए।
कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान संजीव झा जिले में चल रहे चुनावी तैयारियों और पुनरीक्षण कार्यों का जायजा ले रहे थे। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा सहित जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इंदौर जिले की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी चरणों के लिए माइक्रो-प्लानिंग पर जोर दिया। उन्होंने सभी एईआरओ को निर्देशित किया कि वे फील्ड स्तर पर हो रहे कार्यों की स्वयं समीक्षा करें। झा ने कलेक्टर शिवम वर्मा को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक मतदान केंद्र स्तर पर डेटा की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसकी सफलता सीधे तौर पर मैदानी अधिकारियों की सक्रियता पर निर्भर करती है।
निर्धारित लक्ष्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ प्राप्त करना अनिवार्य
झा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सचेत किया कि निर्धारित लक्ष्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ प्राप्त करना अनिवार्य है और समयबद्धता ही इस पूरी प्रक्रिया का मूल आधार है। इस दौरान अपर कलेक्टर नवजीवन पवार, संयुक्त कलेक्टर अजीत कुमार श्रीवास्तव एवं जिले के सभी एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्रों की वस्तुस्थिति और अब तक हुई प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि मॉनिटरिंग के स्तर पर कोई ढिलाई नहीं होना चाहिए।
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