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नेशनल कबड्डी खिलाड़ी रोशनी की हालत बिगड़ी

व्हील चेयर पर जनसुनवाई में पहुंचीं, मदद की मांग, एमवाय में एक्सपायर दवा चढ़ाने से लिवर-किडनी-फेफड़ों में इन्फेक्शन खुलासा फर्स्ट…इंदौर । एमवाय अस्पताल में नेशनल कबड्डी प्लेयर रोशनी सिंह को एक्सपायरी ब

Khulasa First

संवाददाता

26 नवंबर 2025, 11:45 पूर्वाह्न
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नेशनल कबड्डी खिलाड़ी रोशनी की हालत बिगड़ी

व्हील चेयर पर जनसुनवाई में पहुंचीं, मदद की मांग, एमवाय में एक्सपायर दवा चढ़ाने से लिवर-किडनी-फेफड़ों में इन्फेक्शन

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
एमवाय अस्पताल में नेशनल कबड्डी प्लेयर रोशनी सिंह को एक्सपायरी बोतल चढ़ाए जाने के बाद उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में पहुंचीं। जांच में एक्सपायरी दवा की पुष्टि हुई, तीन नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई हुई। सेहत पर गंभीर असर पड़ा है। लिवर में सूजन, किडनी और फेफड़ों में इंफेक्शन है।

रोशनी सिंह ने बताया जब अस्पताल में भर्ती हुईं तब चलने-फिरने लायक थीं लेकिन वहां एक्सपायरी डेट वाली बोतल चढ़ाई गई। पति सागर सिंह ने इसके वीडियो बनाए। एक दवा चढ़ाने का, दूसरा वार्ड 21 में उसी एक्सपायरी लॉट का। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने सफाई दी दवा हटा ली गई थी, लेकिन सागर सिंह के शुक्रवार को जारी वीडियो ने सफाई को झूठा साबित कर दिया। 

इसी बीच 22 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रोशनी की हालत घर पहुंचते ही बिगड़ गई। एमवाय की ही रिपोर्ट में लिवर में सूजन, किडनी और फेफड़ों में इंफेक्शन की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों पर ये जानकारी छुपाने के भी आरोप लगाए। रोशनी ने जनसुनवाई में बताया 12 नवंबर को भर्ती करते समय डॉक्टरों ने कहा था रिपोर्ट डराने वाली है।

एक्सपायर दवा चढ़ाने की शिकायत पर अच्छा बताकर डिस्चार्ज कर दिया। लिवर में सूजन है, हड्डियां दर्द कर रही हैं, चल नहीं पा रही। सब पैरामीटर्स गड़बड़ हैं। उनके साथ पति सागर सिंह और दो छोटे बच्चे भी थे। देरी से पहुंचने पर कलेक्टर की सुनवाई में शामिल नहीं हो पाईं लेकिन एसडीएम प्रिया पटेल ने शिकायत सुनी। रोशनी ने गुहार लगाई आर्थिक मदद चाहिए, ताकि इलाज हो। सागर सिंह बोले चार महीने से घर पर हूं, पत्नी को टीबी बताकर घर भेज दिया, दूसरी तकलीफें छिपाईं।

एक्सपायरी दवा चढ़ाने की पुष्टि, लेकिन कार्रवाई दिखावा
पांच सदस्यीय समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में साफ कहा गया रोशनी को एक्सपायर दवा चढ़ाई गई। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने दावा किया मरीज की हालत सामान्य है, पर परिवार के वीडियो ने झूठ का खुलासा कर दिया। दवा स्टोर की निगरानी, नर्सिंग स्टाफ की ट्रेनिंग पर सवाल हैं। पहले भी ऐसेमामले सामने आए हैं लेकिन प्रबंधन जांच का ढोंग करता रहा। क्या ये मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं है? रोशनी जैसे नेशनल प्लेयर को धोखा देना स्वास्थ्य व्यवस्था पर कलंक है।

तीन नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई नाकाफी: जांच समिति ने नर्सिंग कर्मचारियों को दोषी ठहराया। कार्रवाई के नाम पर आसमां अंजूम को निलंबित किया गया। नैना गौतम की वेतन वृद्धि रोकी गई। एंजलिना विल्फेड के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने कहा तत्काल कार्रवाई की गई, 

भविष्य में लापरवाही रोकने के वादे किए लेकिन रोशनी की बिगड़ती हालत पर चुप्पी साधे है। क्या अस्पताल स्टोर से एक्सपायर दवाओं की सफाई नहीं करता? नर्सों को दवा चेक करने की ट्रेनिंग क्यों नहीं दी? यह जिम्मेदारी कब तय होगी?

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