नगर निगम का अफसर या कानून का भक्षक: उपयंत्री अमजद खान पर महिला से बदसलूकी का आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

घर में घुसकर तलाशी और वीडियोग्राफी करने के आरोप
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सत्ता और सरकारी कुर्सी का नशा अब घरों की चौखट लांघने लगा है। नगर निगम जोन क्रमांक-9 में पदस्थ उपयंत्री अमजद खान पर एक महिला ने गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाए हैं। आरोप है कि नवीन नल कनेक्शन की शिकायत करने की हिम्मत करने पर उसने महिला के घर में जबरन घुसकर तलाशी ली, वीडियो बनाया, सामान फेंका और अभद्रता करते हुए धमकाकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
जिस समय उपयंत्री महिला के घर पहुंचकर गुंडागर्दी कर रहा था तब महिला घर पर अकेली थी। मामले में जल्द हिंदू संघठनों की भी एंट्री हो सकती है। उधर, एमआईजी पुलिस ने मामला जांच में लिया है।
जानकारी के मुताबिक जगजीवन राम नगर निवासी पीड़ित महिला ने एमआईजी थाने में की शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर 2025 को उसने नगर निगम आयुक्त व जोन क्रमांक-9 के जोनल अधिकारी को नवीन नल कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। आवेदन में उपयंत्री अमजद खान द्वारा कनेक्शन न देने, लगातार चक्कर कटवाने और टालमटोल किए जाने की भी शिकायत की थी। रजिस्टर्ड प्लंबर द्वारा मौका निरीक्षण कर टीप दिए जाने के बावजूद अब तक कनेक्शन नहीं किया गया।
घर का सामान फेंक दिया
पीड़िता के अनुसार 13 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 11.45 बजे दो युवक उसके घर पहुंचे। खुद को प्लंबर बताते हुए उन्होंने नीचे बुलाया और कहा कि तुमने नगर निगम में शिकायत की है, उसे वापस लो। महिला ने जब पानी की गंभीर समस्या बताते हुए शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो दोनों जबरन उसके घर में घुस गए।
आरोप है कि दोनों व्यक्तियों ने बिना अनुमति मकान का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, घर की तलाशी ली और पीछे रखे घरेलू सामान को इधर-उधर फेंक दिया। विरोध करने पर महिला के साथ गाली-गलौच, अभद्रता कर डराया-धमकाया।
उपयंत्री और उसके साथी ने गुंडागर्दी करते हुए कहा हम नगर निगम के लोग हैं, उल्टा तुम्हारे खिलाफ झूठी कार्रवाई कर देंगे, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी। घटना से महिला डर गई। शाम को पति के घर लौटने पर पूरी घटना बताई गई, जिसके बाद परिजन एमआईजी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी।
पुलिस ने आवेदन लेकर मामला टाल दिया
पीड़िता के पति का कहना है कि उन्होंने जोन क्रमांक-9 में पदस्थ उपयंत्री अमजद खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने फिलहाल आवेदन लेकर मामला टाल दिया।
पुलिस ने लापरवाही कर मामला दबाया तो वे बजरंग दल, वकीलों और सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे।
खास बात यह है कि उपयंत्री और उसके साथियों की पूरी दबंगई पीड़िता के घर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
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