जनपद, जिला पंचायत और मंडी के भी चुनाव प्रत्यक्ष हों: विधायक शेखावत
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । विधानसभा में नगरीय निकायों में अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव कराने के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक भंवरसिंह शेखावत ने मांग की कि केवल
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विधानसभा में नगरीय निकायों में अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव कराने के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक भंवरसिंह शेखावत ने मांग की कि केवल ये चुनाव ही प्रत्यक्ष क्यों हों, जनपद, जिला पंचायत और मंडी के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं। मैं सरकार के इस प्रस्ताव के साथ हूं, लेकिन इसका दायरा बढ़ाना चाहिए।
शेखावत ने कहा कि हम सभी लोकतंत्र की मजबूती के लिए लड़ रहे हैं, इसलिए आप नगर परिषद, नगर पंचायत और नगर पालिका के अध्यक्षों के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने का प्रस्ताव लाए हैं। मुझे आश्चर्य है कि पहले इसी सदन ने ऐसा प्रस्ताव पास किया था, बाद में इसे निरस्त कर दिया गया। अब फिर इस सदन में ये प्रस्ताव लाया गया है। मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूं, लेकिन मेरा कहना है कि केवल इनके ही नहीं, जनपद, जिला पंचायत और मंडी के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी लोकतंत्र को मजबूत बनाना चाहते हैं। इस लिहाज से ऐसा करना जरूरी है। शेखावत ने कहा कि आज प्रदेशभर की सैकड़ों नगर पालिकाओं के अध्यक्ष कहते हैं कि उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारी सुनते नहीं, बेचारे अधिकारी परेशान होते रहते हैं। सत्ता में आने के लिए हार्स ट्रेडिंग होती है यानी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त। पूर्व में ऐसा हो चुका है।
पचास खोके...ऑल ओके
शेखावत ने सरकार पर तंज कसा पचास खोके...ऑल ओके। यानी इतना दो और साथ में लाकर सरकार बनाओ। मप्र की हो या महाराष्ट्र की हो, हार्स ट्रेडिंग रुकती कहां है? शेखावत ने कहा कि अब तो वो प्रथा भी खत्म हो गई कि चीफ मिनिस्टर विधायकों को चुनना है। पर्ची आती है और विधायक देखते ही रह जाते हैं।
शेखावत ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे योग्य आदमी जिन्हें मुख्यमंत्री बनना चाहिए वो बन ही नहीं पाते। इस पर सदन में जमकर ठहाका भी लगा। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी हंसते हुए कहा-ऐसे दोस्त हों तो दुश्मन की जरूरत ही क्या है?
आज डेमोक्रेसी खतरे में आ रही है
शेखावत ने कहा कि आज डेमोक्रेसी खतरे में आ रही है, जिसे हम सभी को मिलकर रोकना है। इसे ठीक करने के लिए सभी चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होना चाहिए। सरकार टुकड़ों-टुकड़ों में क्यों ऐसा कर रही है? प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है? अन्यथा क्या होगा कि हवाई जहाज में भरकर ले जाया जाएगा असम में और फिर होगा ये कि सरकारें बदल गई, महापौर बदल गए, अध्यक्ष बदल गए। इससे बचने का प्रयास करना चाहिए। आज सरकार भी खतरे में है, संविधान भी खतरे में है और डेमोक्रेसी भी खतरे में है। आप बचाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए धन्यवाद के पात्र हैं।
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