कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, देशद्रोह की धारा लगाए जाने की मांग: संविधान निर्माता के अपमान पर उबाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निरंतर हो रहे अपमान के विरुद्ध कल समाज का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। ग्वालियर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिमा खंडित करने, अपमानजनक टिप्पणी करने और बीएन राव को संविधान निर्माता बताकर इतिहास से छेड़छाड़ करने जैसी बढ़ती घटनाओं के विरोध में कल कलेक्टर के नाम एसडीम को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि संविधान निर्माता का अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश की अखंडता और करोड़ों शोषितों की आस्था पर सीधा प्रहार है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में प्रतिमा स्थापना को रोकना और असामाजिक तत्वों द्वारा बाबा साहब की तस्वीरों को पैरों तले रौंदना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की चुप्पी को कठघरे में खड़ा करते हुए मांग की है कि इन असामाजिक तत्वों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि जब राजनेताओं पर टिप्पणी करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है तो देश के संविधान निर्माता का अपमान करने वालों को खुली छूट क्यों दी जा रही है?
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